अन्वयः
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सा चन्द्र-कान्तेन मुखेन, महा-नीलैः शिरोरुहैः, पद्म-रागाभ्याम् कराभ्याम् च रत्न-मयी इव रेजे ।
Summary
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With her moonstone-like face, her sapphire-like dark hair, and her ruby-like hands, she shone as if she were made of gems.
सारांश
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वह सुन्दरी चन्द्रकान्त मणि जैसे मुख, नीलमणि जैसे केशों और पद्मराग मणि जैसे हाथों के कारण साक्षात् रत्नों से निर्मित प्रतिमा के समान सुशोभित हो रही थी।
पदच्छेदः
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| मुखेन | मुख (३.१) | with her face |
| चन्द्र-कान्तेन | चन्द्रकान्त (३.१) | like a moonstone |
| महा-नीलैः | महानील (३.३) | like great sapphires |
| शिरोरुहैः | शिरोरुह (३.३) | with her hair |
| कराभ्याम् | कर (३.२) | with her two hands |
| पद्म-रागाभ्याम् | पद्मराग (३.२) | like rubies |
| रेजे | रेजे (√राज् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | she shone |
| रत्न-मयी | रत्नमयी (१.१) | made of gems |
| इव | इव | as if |
| सा | तद् (१.१) | she |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मु | खे | न | च | न्द्र | का | न्ते | न |
| म | हा | नी | लैः | शि | रो | रु | हैः |
| क | रा | भ्यां | प | द्म | रा | गा | भ्यां |
| रे | जे | र | त्न | म | यी | व | सा |
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