तिरोहितश्वभ्रनिकुञ्चरोधसः
समश्नुवानाः सहसातिरिक्तताम् ।
किरातसैन्यैरपिधाय रेचिता
भुवः क्षणं निम्नतयेव भेजिरे ॥
तिरोहितश्वभ्रनिकुञ्चरोधसः
समश्नुवानाः सहसातिरिक्तताम् ।
किरातसैन्यैरपिधाय रेचिता
भुवः क्षणं निम्नतयेव भेजिरे ॥
समश्नुवानाः सहसातिरिक्तताम् ।
किरातसैन्यैरपिधाय रेचिता
भुवः क्षणं निम्नतयेव भेजिरे ॥
अन्वयः
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किरातसैन्यैः अपिधाय रेचिताः तिरोहितश्वभ्रनिकुञ्चरोधसः भुवः सहसा अतिरिक्ततां समश्नुवानाः (सत्यः) क्षणं निम्नतया इव भेजिरे।
English Summary
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The grounds, having been covered and then suddenly vacated by the Kirata armies, seemed for a moment to have become depressions. As the armies moved, the pits, thickets, and banks they had concealed became visible, making the newly emptied lands appear sunken by comparison.
सारांश
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गड्ढों और घाटियों को पाटती हुई वह विशाल किरात सेना अचानक सर्वत्र व्याप्त हो गई, जिससे पृथ्वी उनके भार से नीचे की ओर धंसी हुई प्रतीत हुई।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
तिरोहितेति ॥ किरातसैन्यैस्तिरोहितानि च्छन्नानि श्वभ्रनिकुञ्जरोधांसि गर्तकुञ्जतटानि यासां ताः। अतएच भुवः प्रदेशाः सहसातिरिक्ततामुत्तानतां समश्नुवाना आप्नु वत्यः। तथा अपिधायाच्छाद्य रेचिता रिक्तीकृता मुक्ताः क्षणं निम्नतया गाम्भीर्येण भेजिर इव प्राप्ता इवेत्युत्प्रेक्षा । सैन्यैर्या भुवो व्याप्तास्ता उत्तानाः प्रतीयन्ते । तैर्मुक्तास्ता एव निम्नाः प्रतीयन्त इत्यर्थः ॥
पदच्छेदः
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| तिरोहितश्वभ्रनिकुञ्चरोधसः | तिरोहित (तिरो√धा+क्त)–श्वभ्र–निकुञ्च–रोधस् (१.३) | the grounds whose pits, thickets, and banks were concealed |
| समश्नुवानाः | समश्नुवान (सम्√अश्+शानच्, १.३) | attaining |
| सहसा | सहसा | suddenly |
| अतिरिक्तताम् | अतिरिक्तता (२.१) | a state of being surpassed/emptied |
| किरातसैन्यैः | किरात–सैन्य (३.३) | by the Kirata armies |
| अपिधाय | अपिधाय (अपि√धा+ल्यप्) | having covered |
| रेचिताः | रेचित (√रिच्+णिच्+क्त, १.३) | having been emptied |
| भुवः | भू (१.३) | the lands |
| क्षणम् | क्षण (२.१) | for a moment |
| निम्नतया | निम्नता (३.१) | with lowness |
| इव | इव | as if |
| भेजिरे | भेजिरे (√भज् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | appeared |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ति | रो | हि | त | श्व | भ्र | नि | कु | ञ्च | रो | ध | सः |
| स | म | श्नु | वा | नाः | स | ह | सा | ति | रि | क्त | ताम् |
| कि | रा | त | सै | न्यै | र | पि | धा | य | रे | चि | ता |
| भु | वः | क्ष | णं | नि | म्न | त | ये | व | भे | जि | रे |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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