अन्वयः
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एवम् शुभ-अशुभ-फलैः कर्म-बन्धनैः मोक्ष्यसे। संन्यास-योग-युक्त-आत्मा (सन्) विमुक्तः (सन्) माम् उपैष्यसि।
Summary
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Thus you will be freed from the bonds of action and their good and evil results. With your mind steadfast in the yoga of renunciation, you will be liberated and come to Me.
सारांश
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ऐसा करने से तुम कर्मों के शुभ-अशुभ फल रूपी बंधनों से मुक्त हो जाओगे और संन्यास योग से युक्त होकर मुझे प्राप्त होगे।
पदच्छेदः
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| शुभ-अशुभ-फलैः | शुभ–अशुभ–फल (३.३) | from the good and evil results |
| एवम् | एवम् | Thus |
| मोक्ष्यसे | मोक्ष्यसे (√मुच् भावकर्मणोः लृट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | you will be freed |
| कर्म-बन्धनैः | कर्म–बन्धन (३.३) | from the bonds of action |
| संन्यास-योग-युक्त-आत्मा | संन्यास–योग–युक्त (√युज्+क्त)–आत्मन् (१.१) | one whose mind is steadfast in the yoga of renunciation |
| विमुक्तः | विमुक्त (वि√मुच्+क्त, १.१) | being liberated |
| माम् | अस्मद् (२.१) | to Me |
| उपैष्यसि | उपैष्यसि (उप√इ कर्तरि लृट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you will come |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शु | भा | शु | भ | फ | लै | रे | वं |
| मो | क्ष्य | से | क | र्म | ब | न्ध | नैः |
| सं | न्या | स | यो | ग | यु | क्ता | त्मा |
| वि | मु | क्तो | मा | मु | पै | ष्य | सि |
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