अन्वयः
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अर्जुन, अहम् समतीतानि वर्तमानानि च भविष्याणि च भूतानि वेद। तु माम् कश्चन न वेद।
Summary
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O Arjuna, I know all beings of the past, present, and future, but no one truly knows Me.
सारांश
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हे अर्जुन! मैं भूत, वर्तमान और भविष्य के सभी प्राणियों को जानता हूँ, किंतु मुझे कोई नहीं जानता।
पदच्छेदः
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| वेद | वेद (√विद् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I know |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
| समतीतानि | समतीत (सम्+अति√इ+क्त, २.३) | the past |
| वर्तमानानि | वर्तमान (√वृत्+शानच्, २.३) | the present |
| च | च | and |
| अर्जुन | अर्जुन (८.१) | O Arjuna |
| भविष्याणि | भविष्यत् (√भू+स्यत्, २.३) | the future |
| च | च | and |
| भूतानि | भूत (√भू+क्त, २.३) | all beings |
| माम् | अस्मद् (२.१) | Me |
| तु | तु | but |
| वेद | वेद (√विद् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | knows |
| न | न | not |
| कश्चन | कश्चन (१.१) | anyone |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वे | दा | हं | स | म | ती | ता | नि |
| व | र्त | मा | ना | नि | चा | र्जु | न |
| भ | वि | ष्या | णि | च | भू | ता | नि |
| मां | तु | वे | द | न | क | श्च | न |
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