चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागशः ।
तस्य कर्तारमपि मां विद्ध्यकर्तारमव्ययम् ॥

अन्वयः AI गुण-कर्म-विभागशः चातुर्वर्ण्यम् मया सृष्टम्। तस्य कर्तारम् अपि (सन्तम्) माम् अकर्तारम् अव्ययम् विद्धि।
Summary AI The fourfold social order was created by Me according to the divisions of qualities (gunas) and actions (karma). Although I am its creator, know Me to be the non-doer and the immutable.
सारांश AI गुणों और कर्मों के विभाजन के आधार पर चारों वर्णों की रचना मेरे द्वारा की गई है; इसका कर्ता होने पर भी मुझे अविनाशी अकर्ता ही जानो।
पदच्छेदः AI
चातुर्वर्ण्यम्चातुर्वर्ण्य (१.१) The fourfold social order
मयाअस्मद् (३.१) by Me
सृष्टम्सृष्ट (√सृज्+क्त, १.१) was created
गुणकर्मविभागशःगुणकर्म–विभागशः according to the divisions of qualities and actions
तस्यतद् (६.१) Its
कर्तारम्कर्तृ (२.१) creator
अपिअपि although
माम्अस्मद् (२.१) Me
विद्धिविद्धि (√विद् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) know
अकर्तारम्अकर्तृ (२.१) as the non-doer
अव्ययम्अव्यय (२.१) and immutable
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
चा तु र्व र्ण्यं या सृ ष्टं
गु र्म वि भा शः
स्य र्ता पि मां
वि द्ध्य र्ता व्य यम्
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