अन्वयः
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हि बुद्धियुक्ताः मनीषिणः कर्मजम् फलम् त्यक्त्वा जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः सन्तः अनामयम् पदम् गच्छन्ति।
Summary
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Indeed, the wise, endowed with this intellect, abandon the fruits born of action. Freed from the bondage of birth, they attain the state that is beyond all suffering.
सारांश
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समत्व बुद्धि से युक्त ज्ञानी पुरुष कर्मों से उत्पन्न फल को त्यागकर जन्म रूपी बंधन से मुक्त हो जाते हैं और दुःख रहित परम पद को प्राप्त करते हैं।
पदच्छेदः
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| कर्मजम् | कर्मज (२.१) | born of action |
| बुद्धियुक्ताः | बुद्धियुक्त (१.३) | those endowed with intellect |
| हि | हि | indeed |
| फलम् | फल (२.१) | the fruit |
| त्यक्त्वा | त्यक्त्वा (√त्यज्+क्त्वा) | having abandoned |
| मनीषिणः | मनीषिन् (१.३) | the wise |
| जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः | जन्मबन्धविनिर्मुक्त (१.३) | freed from the bondage of birth |
| पदम् | पद (२.१) | the state |
| गच्छन्ति | गच्छन्ति (√गम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | attain |
| अनामयम् | अनामय (२.१) | beyond all miseries |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | र्म | जं | बु | द्धि | यु | क्ता | हि |
| फ | लं | त्य | क्त्वा | म | नी | षि | णः |
| ज | न्म | ब | न्ध | वि | नि | र्मु | क्ताः |
| प | दं | ग | च्छ | न्त्य | ना | म | यम् |
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