अन्वयः
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इह अभिक्रमनाशः न अस्ति, प्रत्यवायः न विद्यते। अस्य धर्मस्य स्वल्पम् अपि महतः भयात् त्रायते।
Summary
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In this path of Karma Yoga, there is no loss of effort, nor is there any adverse result. Even a little practice of this discipline protects one from great fear.
सारांश
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इस निष्काम कर्मयोग में न तो प्रयास का नाश होता है और न ही कोई दोष लगता है। इस धर्म का थोड़ा सा भी पालन महान भय से रक्षा करता है।
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| इह | इह | in this (Yoga) |
| अभिक्रमनाशः | अभिक्रमनाश (१.१) | loss of effort |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| प्रत्यवायः | प्रत्यवाय (१.१) | adverse result |
| न | न | not |
| विद्यते | विद्यते (√विद् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | there is |
| स्वल्पम् | स्वल्प (१.१) | a very little |
| अपि | अपि | even |
| अस्य | इदम् (६.१) | of this |
| धर्मस्य | धर्म (६.१) | righteous practice |
| त्रायते | त्रायते (√त्रै कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | protects |
| महतः | महत् (५.१) | from great |
| भयात् | भय (५.१) | from fear |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ने | हा | भि | क्र | म | ना | शो | ऽस्ति |
| प्र | त्य | वा | यो | न | वि | द्य | ते |
| स्व | ल्प | म | प्य | स्य | ध | र्म | स्य |
| त्रा | य | ते | म | ह | तो | भ | यात् |
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