कस्माच्च ते न नमेरन्महात्म
न्गरीयसे ब्रह्मणोऽप्यादिकर्त्रे ।
अनन्त देवेश जगन्निवास
त्वमक्षरं सदसत्तत्परं यत् ॥
कस्माच्च ते न नमेरन्महात्म
न्गरीयसे ब्रह्मणोऽप्यादिकर्त्रे ।
अनन्त देवेश जगन्निवास
त्वमक्षरं सदसत्तत्परं यत् ॥
न्गरीयसे ब्रह्मणोऽप्यादिकर्त्रे ।
अनन्त देवेश जगन्निवास
त्वमक्षरं सदसत्तत्परं यत् ॥
अन्वयः
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महात्मन् अनन्त देवेश जगन्निवास, ब्रह्मणः अपि गरीयसे आदिकर्त्रे ते कस्मात् च न नमेरन्? त्वम् अक्षरम्, सत्-असत् च, (तथा) यत् तत्-परम् (असि) ।
Summary
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Arjuna asks, "O great soul, O limitless one, Lord of gods, refuge of the universe, why should they not bow to You, who are greater even than Brahma, the original creator? You are the imperishable, the manifest and the unmanifest, and that which is beyond both."
सारांश
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हे महात्मा! आप ब्रह्मा के भी आदि कर्ता और सर्वश्रेष्ठ हैं, तो वे आपको नमस्कार क्यों न करें? हे अनन्त! हे देवेश! हे जगन्निवास! आप अक्षर स्वरूप हैं, सत्, असत् और उनसे परे जो कुछ है, वह भी आप ही हैं।
पदच्छेदः
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| कस्मात् | किम् (५.१) | why |
| च | च | and |
| ते | युष्मद् (२.३) | to You |
| न | न | not |
| नमेरन् | नमेरन् (√नम् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | should they bow |
| महात्मन् | महात्मन् (८.१) | O great-souled one |
| गरीयसे | गरीयस् (४.१) | to the one who is greater |
| ब्रह्मणः | ब्रह्मन् (६.१) | than Brahma |
| अपि | अपि | even |
| आदिकर्त्रे | आदि–कर्तृ (४.१) | to the original creator |
| अनन्त | अनन्त (८.१) | O limitless one |
| देवेश | देव–ईश (८.१) | O Lord of gods |
| जगन्निवास | जगत्–निवास (८.१) | O refuge of the universe |
| त्वम् | युष्मद् (१.१) | You |
| अक्षरम् | अक्षर (१.१) | the imperishable |
| सत् | सत् (√अस्+शतृ, १.१) | the manifest (being) |
| असत् | असत् (√अस्+शतृ, १.१) | the unmanifest (non-being) |
| तत्परम् | तत्–पर (१.१) | that which is beyond |
| यत् | यद् (१.१) | which |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | स्मा | च्च | ते | न | न | मे | र | न्म | हा | त्म |
| न्ग | री | य | से | ब्र | ह्म | णो | ऽप्या | दि | क | र्त्रे |
| अ | न | न्त | दे | वे | श | ज | ग | न्नि | वा | स |
| त्व | म | क्ष | रं | स | द | स | त्त | त्प | रं | यत् |
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