अन्वयः
AI
छलयताम् द्यूतम् अस्मि, तेजस्विनाम् तेजः अहम् अस्मि । जयः अस्मि, व्यवसायः अस्मि, सत्त्ववताम् सत्त्वम् अहम् अस्मि ।
Summary
AI
I am the gambling of the deceitful and the splendor of the splendid. I am victory, I am enterprise, and I am the goodness of the virtuous.
सारांश
AI
मैं छल करने वालों में जुआ, तेजस्वियों का तेज, विजय, निश्चय और सात्त्विक पुरुषों का सत्त्व गुण हूँ।
पदच्छेदः
AI
| द्यूतम् | द्यूत (१.१) | gambling |
| छलयताम् | छलयत् (√छल्+णिच्+शतृ, ६.३) | of the deceitful |
| अस्मि | अस्मि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I am |
| तेजः | तेजस् (१.१) | the splendor |
| तेजस्विनाम् | तेजस्विन् (६.३) | of the splendid |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
| जयः | जय (१.१) | victory |
| अस्मि | अस्मि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I am |
| व्यवसायः | व्यवसाय (१.१) | enterprise |
| अस्मि | अस्मि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I am |
| सत्त्वम् | सत्त्व (१.१) | the goodness |
| सत्त्ववताम् | सत्त्ववत् (६.३) | of the good |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| द्यू | तं | छ | ल | य | ता | म | स्मि |
| ते | ज | स्ते | ज | स्वि | ना | म | हम् |
| ज | यो | ऽस्मि | व्य | व | सा | यो | ऽस्मि |
| स | त्त्वं | स | त्त्व | व | ता | म | हम् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.