अन्वयः
AI
जनार्दन, उत्सन्न-कुल-धर्माणाम् मनुष्याणाम् नरके नियतम् वासः भवति इति अनुशुश्रुम।
Summary
AI
'O Janardana, we have heard from authoritative sources that for those men whose family traditions are destroyed, a dwelling in hell is ordained for an indefinite time.'
सारांश
AI
हे जनार्दन! हमने सुना है कि जिनके कुल धर्म नष्ट हो जाते हैं, ऐसे मनुष्यों का निश्चित रूप से नरक में निवास होता है।
पदच्छेदः
AI
| उत्सन्नकुलधर्माणां | उत्सन्न–कुल–धर्म (६.३) | of those whose family traditions are destroyed |
| मनुष्याणाम् | मनुष्य (६.३) | of men |
| जनार्दन | जनार्दन (८.१) | O Janardana |
| नरके | नरक (७.१) | in hell |
| नियतम् | नियत (२.१) | for an indefinite period |
| वासः | वास (१.१) | dwelling |
| भवति | भवति (√भू कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is |
| इति | इति | thus |
| अनुशुश्रुम | अनुशुश्रुम (अनु√श्रु कर्तरि लिट् (परस्मै.) उ.पु. बहु.) | we have heard |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | त्स | न्न | कु | ल | ध | र्मा | णां |
| म | नु | ष्या | णां | ज | ना | र्द | न |
| न | र | के | नि | य | तं | वा | सो |
| भ | व | ती | त्य | नु | शु | श्रु | म |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.