अन्वयः
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कृष्ण, विजयम् न काङ्क्षे, राज्यम् न च, सुखानि च (न काङ्क्षे)। गोविन्द, नः राज्येन किम्? भोगैः जीवितेन वा किम्?
Summary
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'O Krishna, I do not desire victory, nor a kingdom, nor pleasures. O Govinda, of what use to us is a kingdom, or enjoyments, or even life itself?'
सारांश
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हे कृष्ण! मैं न विजय चाहता हूँ, न राज्य और न ही सुख। हे गोविन्द! हमें ऐसे राज्य, भोग या जीवन से क्या लाभ?
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| काङ्क्षे | काङ्क्षे (√काङ्क्ष् कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | I desire |
| विजयम् | विजय (२.१) | victory |
| कृष्ण | कृष्ण (८.१) | O Krishna |
| न | न | not |
| च | च | and |
| राज्यम् | राज्य (२.१) | kingdom |
| सुखानि | सुख (२.३) | pleasures |
| च | च | and |
| किम् | किम् | what use |
| नः | अस्मद् (६.३) | to us |
| राज्येन | राज्य (३.१) | of a kingdom |
| गोविन्द | गोविन्द (८.१) | O Govinda |
| किम् | किम् | what use |
| भोगैः | भोग (३.३) | of enjoyments |
| जीवितेन | जीवित (३.१) | of life |
| वा | वा | or |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | का | ङ्क्षे | वि | ज | यं | कृ | ष्ण |
| न | च | रा | ज्यं | सु | खा | नि | च |
| किं | नो | रा | ज्ये | न | गो | वि | न्द |
| किं | भो | गै | र्जी | वि | ते | न | वा |
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