मातर्लक्ष्मि भजस्व कञ्चिदपरं मत्काङ्क्षिणी मा स्म
भूर्भोगेषु स्पृहयालवस्तव वशे का निःस्पृहाणामसि ।
सद्यः स्यूतपलाशपत्रपुटिकापात्रैः पवित्रीकृतै-
र्भिक्षावस्तुभिरेव सम्प्रति वयं वृत्तिं समीहामहे ॥

अन्वयः AI मातः लक्ष्मि! कञ्चित् अपरम् भजस्व । मत्-काङ्क्षिणी मा स्म भूः । तव वशे भोगेसु स्पृहयालवः (सन्ति) । निःस्पृहाणाम् (कृते) का असि? सम्प्रति वयम् सद्यः स्यूत-पलाश-पत्र-पुटिका-पात्रैः पवित्री-कृतैः भिक्षा-वस्तुभिः एव वृत्तिम् समीहामहे ।
Summary AI O Mother Lakshmi, seek someone else; do not desire me. Those who long for pleasures are under your control; what are you to the desireless? We now seek our livelihood only with alms, sanctified by being received in bowls freshly stitched from Palasha leaves.
सारांश AI हे लक्ष्मी! तुम भोगियों के पास जाओ, मुझ जैसे विरक्तों से तुम्हें क्या? हम पलाश के पत्तों में मिली भिक्षा से ही अपनी जीविका चलाकर परम संतोष का अनुभव करते हैं।
पदच्छेदः AI
मातर्लक्ष्मिमातृ (८.१)लक्ष्मि (८.१) O Mother Lakshmi!
भजस्वभजस्व (√भज् कर्तरि लोट् (आत्मने.) म.पु. एक.) seek
कञ्चिदपरंकश्चित् (२.१)अपर (२.१) some other
मत्-काङ्क्षिणीमद्–काङ्क्षिणी (१.१) desiring me
मामा do not
स्मस्म (past tense indicator)
भूःअभूः (√भू कर्तरि लुङ् (परस्मै.) म.पु. एक.) be
भोगेषुभोग (७.३) for pleasures
स्पृहयालवःस्पृहयालु (१.३) those who are eager
तवयुष्मद् (६.१) your
वशेवश (७.१) are under control
काकिम् (१.१) what
निःस्पृहाणाम्निःस्पृह (६.३) to the desireless
असिअसि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) are you
सद्यःसद्यस् freshly
स्यूत-पलाश-पत्र-पुटिका-पात्रैःस्यूतपलाश–पत्रपुटिकापात्र (३.३) by bowls made of stitched Palasha leaf cups
पवित्री-कृतैःपवित्रीकृत (३.३) sanctified
भिक्षा-वस्तुभिःभिक्षावस्तु (३.३) by the alms
एवएव only
सम्प्रतिसम्प्रति now
वयंअस्मद् (१.३) we
वृत्तिंवृत्ति (२.१) livelihood
समीहामहेसमीहामहे (सम्√ईह् कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. बहु.) desire
छन्दः शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९
मा र्ल क्ष्मि स्व ञ्चि रं त्का ङ्क्षि णी मा स्म भू
र्भो गे षु स्पृ या स्त शे का निः स्पृ हा णा सि
द्यः स्यू ला त्र पु टि का पा त्रैः वि त्री कृ तै
र्भि क्षा स्तु भि रे म्प्र ति यं वृ त्तिं मी हा हे
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