यावत्स्वस्थमिदं शरीरमरुजं यावच्च दूरे जरा
यावच्चेन्द्रियशक्तिरप्रतिहता यावत्क्षयो नायुषः ।
आत्मश्रेयसि तावदेव विदुषा कार्यः प्रयत्नो महा-
न्सन्दीप्ते भवने तु कूपखननं प्रत्युद्यमः कीदृशः ॥

अन्वयः AI यावत् इदम् शरीरम् स्वस्थम् अरुजम् (अस्ति), यावत् च जरा दूरे (अस्ति), यावत् च इन्द्रिय-शक्तिः अप्रतिहता (अस्ति), यावत् आयुषः क्षयः न (अस्ति), तावत् एव विदुषा आत्म-श्रेयसि महान् प्रयत्नः कार्यः। सन्दीप्ते भवने तु कूप-खननम् प्रत्युद्यमः कीदृशः?
Summary AI As long as this body is healthy and free from disease, as long as old age is far away, as long as the power of the senses is unimpaired, and as long as life is not decaying, a wise person should make great effort for the soul's welfare. For what is the use of trying to dig a well when the house is already on fire?
सारांश AI जब तक शरीर स्वस्थ है और वृद्धावस्था दूर है, तभी तक मनुष्य को आत्म-कल्याण का प्रयास कर लेना चाहिए। घर में आग लग जाने पर कुआं खोदना सर्वथा व्यर्थ है।
पदच्छेदः AI
यावत्यावत् as long as
स्वस्थम्स्वस्थ (१.१) healthy
इदम्इदम् (१.१) this
शरीरम्शरीर (१.१) body
अरुजम्अरुज (१.१) free from disease
यावत्यावत् as long as
and
दूरेदूर (७.१) far away
जराजरा (१.१) old age
यावत्यावत् as long as
and
इन्द्रिय-शक्तिःइन्द्रियशक्ति (१.१) the power of the senses
अप्रतिहताअप्रतिहत (१.१) unimpaired
यावत्यावत् as long as
क्षयःक्षय (१.१) decay
not
आयुषःआयुस् (६.१) of life
आत्म-श्रेयसिआत्मन्श्रेयस् (७.१) for the welfare of the soul
तावत्तावत् so long
एवएव indeed
विदुषाविद्वस् (३.१) by a wise person
कार्यःकार्य (√कृ+ण्यत्, १.१) should be made
प्रयत्नःप्रयत्न (१.१) effort
महान्महत् (१.१) great
सन्दीप्तेसन्दीप्त (सम्√दीप्+क्त, ७.१) when ablaze
भवनेभवन (७.१) in a house
तुतु but
कूप-खननम्कूपखनन (१.१) digging a well
प्रत्युद्यमःप्रत्युद्यम (१.१) counter-effort
कीदृशःकीदृश (१.१) of what kind?
छन्दः शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९
या त्स्व स्थ मि दं री रु जं या च्च दू रे रा
या च्चे न्द्रि क्ति प्र ति ता या त्क्ष यो ना यु षः
त्म श्रे सि ता दे वि दु षा का र्यः प्र त्नो हा
न्स न्दी प्ते ने तु कू नं प्र त्यु द्य मः की दृ शः
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