व्याघ्रीव तिष्ठति जरा परितर्जयन्ती
रोगाश्च शत्रव इव प्रहरन्ति देहम् ।
आयुः परिस्रवन्ति भिन्नघटादिवाम्भो
लोकस्तथाप्यहितमाचरतीति चित्रम् ॥
व्याघ्रीव तिष्ठति जरा परितर्जयन्ती
रोगाश्च शत्रव इव प्रहरन्ति देहम् ।
आयुः परिस्रवन्ति भिन्नघटादिवाम्भो
लोकस्तथाप्यहितमाचरतीति चित्रम् ॥
रोगाश्च शत्रव इव प्रहरन्ति देहम् ।
आयुः परिस्रवन्ति भिन्नघटादिवाम्भो
लोकस्तथाप्यहितमाचरतीति चित्रम् ॥
अन्वयः
AI
जरा व्याघ्री इव परितर्जयन्ती तिष्ठति । रोगाः च शत्रवः इव देहम् प्रहरन्ति । आयुः भिन्न-घटात् अम्भः इव परिस्रवति । तथापि लोकः अहितम् आचरति इति चित्रम् ।
Summary
AI
Old age stands threatening like a tigress. Diseases strike the body like enemies. Life flows away like water from a cracked pot. Yet, people still engage in harmful actions—this is truly strange.
सारांश
AI
बुढ़ापा बाघिन की तरह घात लगाए बैठा है, रोग शत्रुओं की तरह प्रहार कर रहे हैं और आयु फूटते घड़े के पानी की तरह बह रही है। फिर भी मनुष्य अपने अहित में लगा है।
पदच्छेदः
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| व्याघ्री | व्याघ्री (१.१) | a tigress |
| इव | इव | like |
| तिष्ठति | तिष्ठति (√स्था कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | stands |
| जरा | जरा (१.१) | old age |
| परितर्जयन्ती | परितर्जयन्ती (परि√तर्ज्+णिच्+शतृ, १.१) | threatening |
| रोगाः | रोग (१.३) | diseases |
| च | च | and |
| शत्रवः | शत्रु (१.३) | enemies |
| इव | इव | like |
| प्रहरन्ति | प्रहरन्ति (प्र√हृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | strike |
| देहम् | देह (२.१) | the body |
| आयुः | आयुस् (१.१) | life |
| परिस्रवति | परिस्रवति (परि√स्रु कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | flows away |
| भिन्न-घटात् | भिन्न (√भिद्+क्त)–घट (५.१) | from a cracked pot |
| इव | इव | like |
| अम्भः | अम्भस् (१.१) | water |
| लोकः | लोक (१.१) | the world/people |
| तथापि | तथापि | yet |
| अहितम् | अहित (२.१) | what is harmful |
| आचरति | आचरति (आ√चर् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | practices |
| इति | इति | thus |
| चित्रम् | चित्र (१.१) | strange |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| व्या | घ्री | व | ति | ष्ठ | ति | ज | रा | प | रि | त | र्ज | य | न्ती |
| रो | गा | श्च | श | त्र | व | इ | व | प्र | ह | र | न्ति | दे | ह |
| मा | युः | प | रि | स्र | व | न्ति | भि | न्न | घ | टा | दि | वा | म्भो |
| लो | क | स्त | था | प्य | हि | त | मा | च | र | ती | ति | चि | त्रम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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