Loading data... On slow networks this could take a few minutes.
100%

मातर्मेदिनि तात मारुति सखे तेजः सुबन्धो जल
भ्रातर्व्योम निबद्ध एष भवतामन्त्यः प्रणामाञ्जलिः ।
युष्मत्सङ्गवशोपजातसुकृतस्फारस्फुरन्निर्मल-
ज्ञानापास्त समस्तमोहमहिमा लीने परब्रह्मणि ॥

अन्वयः AI मातः मेदिनि! तात मारुत! सखे तेजः! सु-बन्धो जल! भ्रातः व्योम! भवताम् एषः अन्त्यः प्रणाम-अञ्जलिः निबद्धः । युष्मत्-सङ्ग-वश-उपजात-सुकृत-स्फार-स्फुरत्-निर्मल-ज्ञान-अपास्त-समस्त-मोह-महिमा (अहम्) पर-ब्रह्मणि लीये ।
Summary AI O Mother Earth, Father Wind, Friend Fire, good Kinsman Water, Brother Ether! This is my final folded-hand salutation to you all. By the merit born from association with you, I, whose greatness lies in having dispelled all delusion through the vast, radiant, and pure knowledge that arose, now merge into the Supreme Brahman.
सारांश AI हे माता पृथ्वी, पिता वायु, मित्र तेज, बंधु जल और भ्राता आकाश! आप सभी को मेरा अंतिम प्रणाम। आपके सहयोग से प्राप्त पुण्य और निर्मल ज्ञान के द्वारा मेरा मोह नष्ट हो गया है और अब मैं परब्रह्म में विलीन हो रहा हूँ।
पदच्छेदः AI
मातर्मेदिनिमातृ (८.१)मेदिनी (८.१) O Mother Earth!
ताततात (८.१) O Father
मारुतमारुत (८.१) Wind!
सखेसखि (८.१) O Friend
तेजःतेजस् (८.१) Fire!
सुबन्धोसुबन्धु (८.१) O good Kinsman
जलजल (८.१) Water!
भ्रातर्व्योमभ्रातृ (८.१)व्योमन् (८.१) O Brother Ether!
निबद्धनिबद्ध (नि√बन्ध्+क्त, १.१) is offered
एषएतद् (१.१) this
भवताम्भवत् (६.३) to you all
अन्त्यःअन्त्य (१.१) final
प्रणामाञ्जलिःप्रणामअञ्जलि (१.१) folded-hand salutation
युष्मत्-सङ्ग-वशोपजात-सुकृत-स्फार-स्फुरन्-निर्मल-ज्ञानापास्त-समस्त-मोह-महिमायुष्मद्सङ्गवशउपजातसुकृतस्फारस्फुरत्निर्मलज्ञानअपास्तसमस्तमोहमहिमन् (१.१) I, whose greatness lies in having dispelled all delusion through the vast, radiant, pure knowledge born from the merit of association with you
लीयेलीये (√ली कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) I merge
पर-ब्रह्मणिपरब्रह्मन् (७.१) in the Supreme Brahman
छन्दः शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९
मा र्मे दि नि ता मा रु ति खे ते जः सु न्धो
भ्रा र्व्यो नि द्ध ता न्त्यः प्र णा मा ञ्ज लिः
यु ष्म त्स ङ्ग शो जा सु कृ स्फा स्फु न्नि र्म
ज्ञा ना पा स्त स्त मो हि मा ली ने ब्र ह्म णि
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.