अन्वयः
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उपरि घनं घन-पटलम्, तिर्यक् गिरयः अपि नर्तित-मयूराः, क्षितिः अपि कन्दल-धवला (अस्ति)। पथिकः दृष्टिं क्व पातयति?
Summary
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Above, there is a dense mass of clouds. Across, the mountains have dancing peacocks. The earth, too, is bright with new shoots. Where can a traveler cast his gaze without being filled with longing for his beloved?
सारांश
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आकाश में उमड़ते बादल, पर्वतों पर नाचते मोर और पृथ्वी पर खिली कोमल हरियाली—वर्षा ऋतु के इस चहुंओर फैले सौंदर्य के बीच विरही पथिक अपनी दृष्टि भला कहाँ टिकाए?
पदच्छेदः
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| उपरि | उपरि | Above |
| घनम् | घन (२.१) | dense |
| घन | घन | cloud |
| पटलम् | पटल (२.१) | mass |
| तिर्यक् | तिर्यञ्च् | Across |
| गिरयः | गिरि (१.३) | mountains |
| अपि | अपि | also |
| नर्तित | नर्तित (√नृत्+णिच्+क्त) | made to dance |
| मयूराः | मयूर (१.३) | having peacocks |
| क्षितिः | क्षिति (१.१) | The earth |
| अपि | अपि | also |
| कन्दल | कन्दल | new shoots |
| धवला | धवल (१.१) | is white/bright with |
| दृष्टिम् | दृष्टि (२.१) | gaze |
| पथिकः | पथिक (१.१) | A traveler |
| क्व | क्व | where |
| पातयति | पातयति (√पत् +णिच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | does cast |
छन्दः
आर्या []
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | प | रि | घ | नं | घ | न | प | ट | लं | ||
| ति | र्य | ग्गि | र | यो | ऽपि | न | र्ति | त | म | यू | राः |
| क्षि | ति | र | पि | क | न्द | ल | ध | व | ला | ||
| दृ | ष्टिं | प | थि | कः | क्व | पा | त | य | ति |
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