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किं कन्दर्प करं कदर्थयसि रे कोदण्डटङ्कारितं
रे रे कोकिल कोमलं कलरवं किं वा वृथा जल्पसि ।
मुग्धे स्निग्धविदग्धचारुमधुरैर्लोलैः कटाक्षैरलं
चेतश्चुम्बितचन्द्रचूडचरणध्यानामृतं वर्तते ॥

अन्वयः AI रे कन्दर्प, कोदण्ड-टङ्कारितैः करं किं कदर्थयसि? रे रे कोकिल, कोमलं कल-रवं किं वा वृथा जल्पसि? मुग्धे, स्निग्ध-विदग्ध-चारु-मधुरैः लोलैः कटाक्षैः अलम् । (मम) चेतः चुम्बित-चन्द्र-चूड-चरण-ध्यान-अमृतं वर्तते ।
Summary AI O Kamadeva, why do you trouble your hand with the twanging of your bow? O Cuckoo, why do you chatter your sweet notes in vain? O charming girl, enough with your affectionate, clever, beautiful, sweet, and playful glances! My mind is absorbed in the nectar of meditation on the feet of Shiva.
सारांश AI हे कामदेव! धनुष की टंकार व्यर्थ है। हे कोयल! तुम्हारा गान भी निष्फल है। हे सुंदरी! अपने कटाक्षों को रहने दो, क्योंकि मेरा चित्त अब भगवान शिव के चरणों के ध्यान रूपी अमृत में लीन है।
पदच्छेदः AI
किम्किम् why
कन्दर्पकन्दर्प (८.१) O Kamadeva
करम्कर (२.१) hand
कदर्थयसिकदर्थयसि (√कदर्थय कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) do you trouble/torment
रेरे O!
कोदण्ड-टङ्कारितैःकोदण्ड-टङ्कारित (३.३) with the twanging of the bow
रेरे O!
रेरे O!
कोकिलकोकिल (८.१) O Cuckoo
कोमलम्कोमल (२.१) soft
कल-रवम्कल-रव (२.१) sweet cooing
किम्किम् why
वावा or
वृथावृथा in vain
जल्पसिजल्पसि (√जल्प् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) do you chatter
मुग्धेमुग्धा (८.१) O charming one
स्निग्ध-विदग्ध-चारु-मधुरैःस्निग्धविदग्धचारुमधुर (३.३) affectionate, clever, beautiful, and sweet
लोलैःलोल (३.३) playful
कटाक्षैःकटाक्ष (३.३) with sidelong glances
अलम्अलम् enough
चेतःचेतस् (१.१) mind
चुम्बित-चन्द्र-चूड-चरण-ध्यान-अमृतम्चुम्बित–चन्द्र-चूडचरणध्यानअमृत (१.१) the nectar of meditation on the feet of the moon-crested one (Shiva)
वर्ततेवर्तते (√वृत् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) exists/is engaged in
छन्दः शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९
किं न्द र्प रं र्थ सि रे को ण्ड ङ्का रि तं
रे रे को कि को लं वं किं वा वृ था ल्प सि
मु ग्धे स्नि ग्ध वि ग्ध चा रु धु रै र्लो लैः टा क्षै लं
चे श्चु म्बि न्द्र चू ध्या ना मृ तं र्त ते
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