अन्वयः
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मकर-ध्वजः नूनम् तस्याः सुभ्रुवः आज्ञा-करः (अस्ति), यतः (सः) तत्-नेत्र-सञ्चार-सूचितेषु (कार्येषु) प्रवर्तते ।
Summary
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Surely, the god of love (Makara-dhvaja) is an obedient servant of that woman with beautiful eyebrows, since he acts upon the tasks indicated by the movements of her eyes.
सारांश
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कामदेव निश्चित ही उस सुन्दर भौंहों वाली स्त्री का आज्ञाकारी सेवक है, क्योंकि वह उसी ओर प्रवृत्त होता है जिस ओर वह सुन्दरी अपने नेत्रों के संकेतों से निर्देश करती है।
पदच्छेदः
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| नूनम् | नूनम् | Surely |
| आज्ञा-करः | आज्ञाकर (१.१) | is an obedient servant |
| तस्याः | तद् (६.१) | of that |
| सुभ्रुवः | सुभ्रू (६.१) | woman with beautiful eyebrows |
| मकर-ध्वजः | मकरध्वज (१.१) | the god of love |
| यतः | यतस् | since |
| तत्-नेत्र-सञ्चार-सूचितेषु | तद्–नेत्र–सञ्चार–सूचित (७.३) | upon the tasks indicated by the movements of her eyes |
| प्रवर्तते | प्रवर्तते (प्र√वृत् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | he acts |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नू | न | मा | ज्ञा | क | र | स्त | स्याः |
| सु | भ्रु | वो | म | क | र | ध्व | जः |
| य | त | स्त | न्ने | त्र | स | ञ्चा | र |
| सू | चि | ते | षु | प्र | व | र्त | ते |
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