Loading data... On slow networks this could take a few minutes.
100%

गुणवदगुणवद्वा कुर्वता कार्यजातं
परिणतिरवधार्या यत्नतः पण्डितेन ।
अतिरभसकृतानां कर्मणामाविपत्ते-
र्भवति हृदयदाही शल्यतुल्यो विपाकः ॥

अन्वयः AI गुणवत् वा अगुणवत् कार्य-जातम् कुर्वता पण्डितेन यत्नतः परिणतिः अवधार्या। अतिरभस-कृतानाम् कर्मणाम् विपाकः आविपत्तेः हृदय-दाही शल्य-तुल्यः भवति।
Summary AI A wise person, when undertaking any action, whether good or bad, must carefully consider its consequences. The outcome of actions done with excessive haste becomes heart-burning and like a piercing dart until the very end of life.
सारांश AI बुद्धिमान को कार्य के परिणाम पर पहले ही विचार कर लेना चाहिए। बिना सोचे-समझे किए गए कार्यों का फल अंत समय तक हृदय में कांटे की तरह चुभता रहता है।
पदच्छेदः AI
गुणवत्गुणवत् (२.१) good
अगुणवत्अगुणवत् (२.१) or bad
वावा or
कुर्वताकुर्वत् (√कृ+शतृ, ३.१) while doing
कार्यकार्य action
जातम्जात (२.१) any kind of
परिणतिःपरिणति (१.१) the consequence
अवधार्याअवधार्य (अव√धृ+ण्यत्, १.१) must be considered
यत्नतःयत्नतः carefully
पण्डितेनपण्डित (३.१) by a wise person
अतिरभसअतिरभस with excessive haste
कृतानाम्कृत (√कृ+क्त, ६.३) done
कर्मणाम्कर्मन् (६.३) of actions
आविपत्तेःआविपत्ति (५.१) until the end of life
भवतिभवति (√भू कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) becomes
हृदयहृदय heart
दाहीदाहिन् (१.१) burning
शल्यशल्य a dart
तुल्यःतुल्य (१.१) like
विपाकःविपाक (१.१) the outcome
छन्दः मालिनी [१५: ननमयय]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५
गु गु द्वा कु र्व ता का र्य जा तं
रि ति धा र्या त्न तः ण्डि ते
ति कृ ता नां र्म णा मा वि त्ते
र्भ ति हृ दा ही ल्य तु ल्यो वि पा कः
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.