अन्वयः
AI
रवि-निशाकरयोः ग्रह-पीडनम्, गज-भुजङ्गमयोः अपि बन्धनम्, मतिमताम् च दरिद्रताम् विलोक्य, अहो विधिः बलवान् इति मे मतिः (अस्ति)।
Summary
AI
Seeing the affliction of the sun and moon by eclipses, the bondage of elephants and snakes, and the poverty of the intelligent, my conviction is: "Oh, fate is powerful!"
सारांश
AI
सूर्य-चंद्रमा को ग्रहण लगना, हाथी-सांप का बंधन में पड़ना और विद्वानों की दरिद्रता देखकर मेरा मानना है कि भाग्य ही सबसे बलवान है।
पदच्छेदः
AI
| रवि | रवि | of the sun |
| निशाकरयोः | निशाकर (६.२) | and the moon |
| ग्रह | ग्रह | by planets (eclipse) |
| पीडनम् | पीडन (१.१) | the affliction |
| गज | गज | of elephants |
| भुजङ्गमयोः | भुजङ्गम (६.२) | and snakes |
| अपि | अपि | also |
| बन्धनम् | बन्धन (१.१) | the bondage |
| मतिमताम् | मतिमत् (६.३) | of the intelligent |
| च | च | and |
| विलोक्य | विलोक्य (वि√लोक्+ल्यप्) | having seen |
| दरिद्रताम् | दरिद्रता (२.१) | the poverty |
| विधिः | विधि (१.१) | fate |
| अहो | अहो | Oh! |
| बलवान् | बलवत् (१.१) | is powerful |
| इति | इति | thus |
| मे | अस्मद् (६.१) | is my |
| मतिः | मति (१.१) | conviction |
छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| र | वि | नि | शा | क | र | यो | र्ग्र | ह | पी | ड | नं |
| ग | ज | भु | ज | ङ्ग | म | यो | र | पि | ब | न्ध | नम् |
| म | ति | म | तां | च | वि | लो | क्य | द | रि | द्र | तां |
| वि | धि | र | हो | ब | ल | वा | नि | ति | मे | म | तिः |
| न | भ | भ | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.