अन्वयः
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परिवर्तिनि संसारे मृतः कः वा न जायते? सः जातः (अस्ति), येन जातेन वंशः समुन्नतिम् याति ।
Summary
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In this ever-changing world, who that has died is not born again? But truly born is he, by whose birth his family lineage attains glory.
सारांश
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इस परिवर्तनशील संसार में कौन जन्म लेकर नहीं मरता? वास्तव में जन्म लेना उसी का सफल है, जिसके जन्म से उसके कुल की उन्नति और प्रतिष्ठा बढ़े।
पदच्छेदः
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| परिवर्तिनि | परिवर्तिन् (७.१) | in the ever-changing |
| संसारे | संसार (७.१) | world |
| मृतः | मृत (√मृ+क्त, १.१) | having died |
| कः | किम् (१.१) | who |
| वा | वा | indeed |
| न | न | not |
| जायते | जायते (√जन् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is born |
| सः | तद् (१.१) | He |
| जातः | जात (√जन्+क्त, १.१) | is (truly) born |
| येन | यद् (३.१) | by whom |
| जातेन | जात (√जन्+क्त, ३.१) | being born |
| याति | याति (√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | attains |
| वंशः | वंश (१.१) | the family lineage |
| समुन्नतिम् | सम्–उन्नति (२.१) | eminence |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प | रि | व | र्ति | नि | सं | सा | रे |
| मृ | तः | को | वा | न | जा | य | ते |
| स | जा | तो | ये | न | जा | ते | न |
| या | ति | वं | शः | स | मु | न्न | तिम् |
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