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प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन नीचैः
प्रारभ्य विघ्नविहता विरमन्ति मध्याः ।
विघ्नैः पुनः पुनरपि प्रतिहन्यमानाः
प्रारब्धमुत्तमजना न परित्यजन्ति ॥

अन्वयः AI नीचैः विघ्न-भयेन खलु न प्रारभ्यते । मध्याः प्रारभ्य विघ्न-विहताः (सन्तः) विरमन्ति । उत्तम-जनाः विघ्नैः पुनः पुनः अपि प्रतिहन्यमानाः (सन्तः) प्रारब्धम् न परित्यजन्ति ।
Summary AI The lowest kind of people do not start a task for fear of obstacles. The mediocre start but stop when faced with difficulties. The best people, however, though repeatedly struck by obstacles, do not abandon what they have started.
सारांश AI नीच लोग विघ्न के भय से कार्य शुरू नहीं करते। मध्यम श्रेणी के लोग शुरू करके विघ्न आने पर रुक जाते हैं। किंतु उत्तम श्रेणी के लोग बार-बार बाधाएं आने पर भी शुरू किए गए कार्य को पूरा किए बिना नहीं छोड़ते।
पदच्छेदः AI
प्रारभ्यतेप्रारभ्यते (प्र+आ√रभ् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) is begun
not
खलुखलु indeed
विघ्न-भयेनविघ्नभय (३.१) due to fear of obstacles
नीचैःनीच (३.३) by the lowly
प्रारभ्यप्रारभ्य (प्र+आ√रभ्+ल्यप्) having begun
विघ्न-विहताःविघ्नविहत (वि√हन्+क्त, १.३) struck by obstacles
विरमन्तिविरमन्ति (वि√रम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they stop
मध्याःमध्य (१.३) the mediocre
विघ्नैःविघ्न (३.३) by obstacles
पुनःपुनर् again
पुनःपुनर् and again
अपिअपि even
प्रतिहन्यमानाःप्रतिहन्यमान (प्रति√हन्+शानच्, १.३) being struck
प्रारब्धम्प्रारब्ध (प्र+आ√रभ्+क्त, २.१) what was begun
उत्तम-जनाःउत्तमजन (१.३) the best of people
not
परित्यजन्तिपरित्यजन्ति (परि√त्यज् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they abandon
छन्दः वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४
प्रा भ्य ते लु वि घ्न ये नी चैः
प्रा भ्य वि घ्न वि ता वि न्ति ध्याः
वि घ्नैः पु नः पु पि प्र ति न्य मा नाः
प्रा ब्ध मु त्त ना रि त्य न्ति
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