क्षौमं केनचिदिन्दुपाण्डु तरुणा माङ्गल्यमाविष्कृतम्
निष्ठ्यूतश्चरणोपभोगसुलभो लाक्षारसः केनचित् ।
अन्येभ्यो वनदेवताकरतलैरापर्वभोगोत्थितैर्
दत्तान्याभरणानि तत्किसलयोद्भेदप्रतिद्वन्द्विभिः ॥
क्षौमं केनचिदिन्दुपाण्डु तरुणा माङ्गल्यमाविष्कृतम्
निष्ठ्यूतश्चरणोपभोगसुलभो लाक्षारसः केनचित् ।
अन्येभ्यो वनदेवताकरतलैरापर्वभोगोत्थितैर्
दत्तान्याभरणानि तत्किसलयोद्भेदप्रतिद्वन्द्विभिः ॥
निष्ठ्यूतश्चरणोपभोगसुलभो लाक्षारसः केनचित् ।
अन्येभ्यो वनदेवताकरतलैरापर्वभोगोत्थितैर्
दत्तान्याभरणानि तत्किसलयोद्भेदप्रतिद्वन्द्विभिः ॥
अन्वयः
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केनचित् तरुणा इन्दुपाण्डु माङ्गल्यम् क्षौमम् आविष्कृतम्। केनचित् चरणोपभोगसुलभः लाक्षारसः निष्ठ्यूतः च। अन्येभ्यः (तरुभ्यः) आपर्वभोगोत्थितैः तत्किसलयोद्भेदप्रतिद्वन्द्विभिः वनदेवताकरतलैः आभरणानि दत्तानि।
Summary
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One tree produced an auspicious linen garment, pale as the moon. Another exuded lac-dye, suitable for adorning the feet. From other trees, ornaments were given by the hands of forest deities, emerging up to the wrists and rivaling the beauty of their own fresh sprouts.
पदच्छेदः
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| क्षौमम् | क्षौम (१.१) | a linen garment |
| केनचित् | किञ्चित् (३.१) | by a certain (tree) |
| इन्दुपाण्डु | इन्दु–पाण्डु (१.१) | pale as the moon |
| तरुणा | तरु (३.१) | by a tree |
| माङ्गल्यम् | माङ्गल्य (१.१) | auspicious |
| आविष्कृतम् | आविष्कृत (आविस्√कृ+क्त, १.१) | was produced |
| निष्ठ्यूतः | निष्ठ्यूत (निस्√ष्ठीव्+क्त, १.१) | was exuded |
| च | च | and |
| चरणोपभोगसुलभः | चरण–उपभोग–सुलभ (१.१) | suitable for adorning the feet |
| लाक्षारसः | लाक्षा–रस (१.१) | lac-dye |
| केनचित् | किञ्चित् (३.१) | by another |
| अन्येभ्यः | अन्य (५.३) | from others |
| वनदेवताकरतलैः | वनदेवता–करतल (३.३) | by the hands of forest deities |
| आपर्वभोगोत्थितैः | आपर्वभाग–उत्थित (३.३) | emerging up to the wrist-joint |
| दत्तानि | दत्त (√दा+क्त, १.३) | were given |
| आभरणानि | आभरण (१.३) | ornaments |
| तत्किसलयोद्भेदप्रतिद्वन्द्विभिः | तत्–किसलय–उद्भेद–प्रतिद्वन्द्विन् (३.३) | rivalling the fresh sprouts of those (trees) |
छन्दः
शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क्षौ | मं | के | न | चि | दि | न्दु | पा | ण्डु | त | रु | णा | मा | ङ्ग | ल्य | मा | वि | ष्कृ | त |
| म्नि | ष्ठ्यू | त | श्च | र | णो | प | भो | ग | सु | ल | भो | ला | क्षा | र | सः | के | न | चित् |
| अ | न्ये | भ्यो | व | न | दे | व | ता | क | र | त | लै | रा | प | र्व | भो | गो | त्थि | तै |
| र्द | त्ता | न्या | भ | र | णा | नि | त | त्कि | स | ल | यो | द्भे | द | प्र | ति | द्व | न्द्वि | भिः |
| म | स | ज | स | त | त | ग | ||||||||||||
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