यात्येकतोऽस्तशिखरं पतिरोषधीनाम्
आविष्कृतारुणपुरःसर एकतोऽर्कः ।
तेजोद्वयस्य युगपद्व्यसनोदयाभ्याम्
लोको नियम्यत इवात्मदशान्तरेषु ॥
यात्येकतोऽस्तशिखरं पतिरोषधीनाम्
आविष्कृतारुणपुरःसर एकतोऽर्कः ।
तेजोद्वयस्य युगपद्व्यसनोदयाभ्याम्
लोको नियम्यत इवात्मदशान्तरेषु ॥
आविष्कृतारुणपुरःसर एकतोऽर्कः ।
तेजोद्वयस्य युगपद्व्यसनोदयाभ्याम्
लोको नियम्यत इवात्मदशान्तरेषु ॥
अन्वयः
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एकतः ओषधीनाम् पतिः अस्तशिखरम् याति। एकतः आविष्कृतारुणपुरःसरः अर्कः (उदेति)। तेजःद्वयस्य युगपत् व्यसनोदयाभ्याम् लोकः आत्मदशान्तरेषु नियम्यते इव।
Summary
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On one side, the lord of herbs (the moon) goes to the sunset mountain; on the other, the sun appears, preceded by its herald, the dawn. Through the simultaneous setting and rising of these two luminaries, the world seems to be instructed in its own changing states of fortune.
पदच्छेदः
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| याति | याति (√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | goes |
| एकतः | एकतः | on one side |
| अस्तशिखरम् | अस्त–शिखर (२.१) | to the sunset mountain |
| पतिः | पति (१.१) | the lord |
| ओषधीनाम् | ओषधि (६.३) | of herbs (the moon) |
| आविष्कृतारुणपुरःसरः | आविष्कृत (आविस्√कृ+क्त)–अरुण–पुरःसर (१.१) | one whose forerunner, the dawn, has appeared |
| एकतः | एकतः | on the other side |
| अर्कः | अर्क (१.१) | the sun |
| तेजोद्वयस्य | तेजस्–द्वय (६.१) | of the pair of luminaries |
| युगपत् | युगपत् | simultaneously |
| व्यसनोदयाभ्याम् | व्यसन–उदय (३.२) | by the setting and rising |
| लोकः | लोक (१.१) | the world |
| नियम्यते | नियम्यते (नि√यम् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is instructed |
| इव | इव | as it were |
| आत्मदशान्तरेषु | आत्मन्–दशा–अन्तर (७.३) | in its own changing states |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| या | त्ये | क | तो | ऽस्त | शि | ख | रं | प | ति | रो | ष | धी | ना |
| मा | वि | ष्कृ | ता | रु | ण | पु | रः | स | र | ए | क | तो | ऽर्कः |
| ते | जो | द्व | य | स्य | यु | ग | प | द्व्य | स | नो | द | या | भ्या |
| म्लो | को | नि | य | म्य | त | इ | वा | त्म | द | शा | न्त | रे | षु |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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