ईषत्तुषारैः कृतशीतहर्म्यः सुवासितं चारुशिरश्च चम्पकैः । कुर्वन्ति नार्योऽपि वसन्तकाले स्तनं सहारं कुसुमैर्मनोहरैः ॥
ईषत्तुषारैः कृतशीतहर्म्यः सुवासितं चारुशिरश्च चम्पकैः । कुर्वन्ति नार्योऽपि वसन्तकाले स्तनं सहारं कुसुमैर्मनोहरैः ॥
अन्वयः
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वसन्तकाले नार्यः अपि ईषत्तुषारैः कृतशीतहर्म्यः (सत्यः), चम्पकैः चारुशिरः सुवासितम् (कुर्वन्त्यः), मनोहरैः कुसुमैः स्तनम् सहारम् कुर्वन्ति।
Summary
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In the Spring season, women perfume their beautiful heads with Champaka flowers and adorn their breasts with necklaces and charming blossoms. The phrase 'kṛtaśītaharmyaḥ' is grammatically disconnected but likely implies their mansions are cooled by light dew.
सारांश
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वसंत काल में स्त्रियाँ ओस से शीतल भवनों का आनंद लेती हैं, बालों में चम्पा के फूल सजाती हैं और वक्षस्थल पर फूलों के मनोहर हार धारण करती हैं।
पदच्छेदः
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| ईषत्तुषारैः | ईषत्–तुषार (३.३) | with light dew |
| कृतशीतहर्म्यः | कृत–शीत–हर्म्य (१.१) | he whose mansion is made cool |
| सुवासितम् | सुवासित (सु√वास्+णिच्+क्त, २.१) | well-perfumed |
| चारुशिरः | चारु–शिरस् (२.१) | beautiful head |
| च | च | and |
| चम्पकैः | चम्पक (३.३) | with Champaka flowers |
| कुर्वन्ति | कुर्वन्ति (√कृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they make/adorn |
| नार्यः | नारी (१.३) | women |
| अपि | अपि | also |
| वसन्तकाले | वसन्तकाल (७.१) | in the Spring season |
| स्तनम् | स्तन (२.१) | the breast |
| सहारम् | सह–हार (२.१) | with a necklace |
| कुसुमैः | कुसुम (३.३) | with flowers |
| मनोहरैः | मनोहर (३.३) | charming |
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