कनककमलकान्तैश्चारुताम्राधरोष्ठैः
श्रवणतटनिषक्तैः पाटलोपान्तनेत्रैः ।
उषसि वदनबिम्बैरंससंसक्तकेशैः
श्रिय इव गृहमध्ये संस्थिता योषितोऽद्य ॥
कनककमलकान्तैश्चारुताम्राधरोष्ठैः
श्रवणतटनिषक्तैः पाटलोपान्तनेत्रैः ।
उषसि वदनबिम्बैरंससंसक्तकेशैः
श्रिय इव गृहमध्ये संस्थिता योषितोऽद्य ॥
श्रवणतटनिषक्तैः पाटलोपान्तनेत्रैः ।
उषसि वदनबिम्बैरंससंसक्तकेशैः
श्रिय इव गृहमध्ये संस्थिता योषितोऽद्य ॥
अन्वयः
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अद्य उषसि कनककमलकान्तैः, चारुताम्राधरोष्ठैः, श्रवणतटनिषक्तैः, पाटलोपान्तनेत्रैः, अंससंसक्तकेशैः वदनबिम्बैः (युक्ताः) योषितः गृहमध्ये श्रियः इव संस्थिताः।
Summary
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Today at dawn, the women stand in the middle of the house like goddesses of fortune. Their orb-like faces are as lovely as golden lotuses, with beautiful coppery lips, eyes with pale red corners reaching towards their ears, and hair falling upon their shoulders.
सारांश
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प्रातःकाल सुनहरे कमलों के समान कान्ति वाले मुखों और कंधों पर बिखरे बालों वाली स्त्रियाँ घरों में लक्ष्मी के समान शोभा पा रही हैं।
पदच्छेदः
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| कनककमलकान्तैः | कनक–कमल–कान्त (३.३) | by (faces) as lovely as golden lotuses |
| चारुताम्राधरोष्ठैः | चारु–ताम्र–अधरोष्ठ (३.३) | with beautiful coppery lower lips |
| श्रवणतटनिषक्तैः | श्रवण–तट–निषक्त (३.३) | reaching the region of the ears |
| पाटलोपान्तनेत्रैः | पाटल–उपान्त–नेत्र (३.३) | with eyes whose corners are pale red |
| उषसि | उषस् (७.१) | at dawn |
| वदनबिम्बैः | वदन–बिम्ब (३.३) | by their orb-like faces |
| अंससंसक्तकेशैः | अंस–संसक्त–केश (३.३) | with hair touching the shoulders |
| श्रियः | श्री (१.३) | goddesses of fortune |
| इव | इव | like |
| गृहमध्ये | गृह–मध्य (७.१) | in the middle of the house |
| संस्थिताः | संस्थित (सम्√स्था+क्त, १.३) | are standing |
| योषितः | योषित् (१.३) | women |
| अद्य | अद्य | today |
छन्दः
मालिनी [१५: ननमयय]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | न | क | क | म | ल | का | न्तै | श्चा | रु | ता | म्रा | ध | रो | ष्ठैः |
| श्र | व | ण | त | ट | नि | ष | क्तैः | पा | ट | लो | पा | न्त | ने | त्रैः |
| उ | ष | सि | व | द | न | बि | म्बै | रं | स | सं | स | क्त | के | शैः |
| श्रि | य | इ | व | गृ | ह | म | ध्ये | सं | स्थि | ता | यो | षि | तो | ऽद्य |
| न | न | म | य | य | ||||||||||
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