अन्याश्चिरं सुरतकेलिपरिश्रमेण
खेदं गताः प्रशिथिलीकृतगात्रयष्ट्यः ।
संहृष्यमाणपुलकोरुपयोधरान्ता
अभ्यञ्जनं विदधति प्रमदाः सुशोभाः ॥

अन्वयः AI अन्याः सुशोभाः प्रमदाः चिरम् सुरतकेलिपरिश्रमेण खेदम् गताः, प्रशिथिलीकृतगात्रयष्ट्यः, संहृष्यमाणपुलकोरुपयोधरान्ताः (सत्यः) अभ्यञ्जनम् विदधति।
Summary AI Other very beautiful women, fatigued by the long exertion of love-play, their slender bodies languid, anoint themselves. The regions of their thighs and breasts are still thrilling with goosebumps.
सारांश AI चिरकाल तक रति-क्रीड़ा के श्रम से थकी हुई और शिथिल अंगों वाली अन्य सुंदरी स्त्रियाँ, पुलकित शरीर के साथ अपने अंगों पर तेल का उबटन लगा रही हैं।
पदच्छेदः AI
अन्याःअन्य (१.३) other
चिरम्चिरम् for a long time
सुरतकेलिपरिश्रमेणसुरतकेलिपरिश्रम (३.१) due to the exertion of the sport of love
खेदम्खेद (२.१) fatigue
गताःगत (√गम्+क्त, १.३) having experienced
प्रशिथिलीकृतगात्रयष्ट्यःप्रशिथिलीकृतगात्रयष्टि (१.३) whose slender bodies are made languid
संहृष्यमाणपुलकोरुपयोधरान्ताःसंहृष्यमाणपुलकउरुपयोधरअन्त (१.३) the regions of whose thighs and breasts have thrilling goosebumps
अभ्यञ्जनम्अभ्यञ्जन (अभि√अञ्ज्+ल्युट्, २.१) anointing
विदधतिविदधति (वि√धा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they perform
प्रमदाःप्रमदा (१.३) women
सुशोभाःसुशोभ (१.३) very beautiful
छन्दः वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४
न्या श्चि रं सु के लि रि श्र मे
खे दं ताः प्र शि थि ली कृ गा त्र ष्ट्यः
सं हृ ष्य मा पु को रु यो रा न्ता
भ्य ञ्ज नं वि ति प्र दाः सु शो भाः
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