तडिल्लताशक्रधनुर्विभूषिताः
पयोधरास्तोयभरावलम्बिनः ।
स्त्रियश्च काञ्चीमणिकुण्डलोज्ज्वला
हरन्ति चेतो युगपत्प्रवासिनाम् ॥
तडिल्लताशक्रधनुर्विभूषिताः
पयोधरास्तोयभरावलम्बिनः ।
स्त्रियश्च काञ्चीमणिकुण्डलोज्ज्वला
हरन्ति चेतो युगपत्प्रवासिनाम् ॥
पयोधरास्तोयभरावलम्बिनः ।
स्त्रियश्च काञ्चीमणिकुण्डलोज्ज्वला
हरन्ति चेतो युगपत्प्रवासिनाम् ॥
अन्वयः
AI
तडिल्लताशक्रधनुर्विभूषिताः तोयभरावलम्बिनः पयोधराः, काञ्चीमणिकुण्डलोज्ज्वलाः स्त्रियः च, प्रवासिनां चेतः युगपत् हरन्ति।
Summary
AI
The clouds, adorned with the lightning-creeper and the rainbow, hang low with the weight of water. And women, radiant with jeweled girdles and earrings, simultaneously captivate the hearts of travelers.
सारांश
AI
बिजली और इंद्रधनुष से सजे हुए जल भरे बादल तथा करधनी और कुंडलों से सुशोभित स्त्रियां, दोनों ही एक साथ परदेस में रहने वाले पथिकों के मन को हर रहे हैं।
ऋतुसमुच्चयटीका (अमरकीर्तिसूरिः)
तडिल्लतेति ॥ एते युगपत् समकालम् । प्रवासिनां पान्थानाम् चेतो हरन्ति वशीकुर्वन्ति । एते के — शक्तस्येन्द्रस्य धनुः कोदण्डं तेन विभूषिताः शोभिताः नम्राः पयोधरा मेघाश्च । पुनः — काज्चीमणिकुण्डलोज्ज्वलाः स्त्रियश्च । काञ्चयः कटिमेखलाः । मण्युपलक्षितानि कुण्डलानि तैरुज्ञ्वलाः शोभमानाः । स्त्रियः कामिन्यः । एतानि वस्तूनि युगपत् प्रवासिनां चेतोहारीणि भवन्तीत्यर्थः । वंशस्थवृत्तानि ॥
चन्द्रिकाटीका (मणिरामः)
तडिल्लतेति ॥ तडिल्लता लताकारा तडिच्छक्रधनुरिन्द्रायुधं च ताभ्यां विभूषिताः शोभिताः ।
इन्द्रायुधं शक्रधनुः इत्यमरः (अमरकोशः १.३.१२ ) । तोयभरेण जलभारेणावलम्बिनो नम्राः पयोधरा मेघाः काञ्ची मेखला च मणिकुण्डलानि नानाविधरत्नखचितताटङ्कानि च तैरुज्ज्वलाः सुन्दराः स्त्रियश्च प्रवासिनां प्रोषितानां चेतोऽन्तःकरणम् युगपत्सममेव हरन्ति अपहरन्तीत्यर्थः । स्त्रियश्चात्र परकीयाः प्रवासिनां स्वकीयासान्निध्याभावात् ॥
पदच्छेदः
AI
| तडिल्लताशक्रधनुर्विभूषिताः | तडित्–लता–शक्रधनुस्–विभूषित (१.३) | adorned with the creeper of lightning and the rainbow |
| पयोधराः | पयोधर (१.३) | clouds |
| तोयभरावलम्बिनः | तोय–भर–अवलम्बिन् (१.३) | hanging low with the weight of water |
| स्त्रियः | स्त्री (१.३) | women |
| च | च | and |
| काञ्चीमणिकुण्डलोज्ज्वलाः | काञ्ची–मणि–कुण्डल–उज्ज्वल (१.३) | shining with jeweled girdles and earrings |
| हरन्ति | हरन्ति (√हृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they captivate |
| चेतः | चेतस् (२.१) | the heart |
| युगपत् | युगपत् | simultaneously |
| प्रवासिनाम् | प्रवासिन् (६.३) | of travelers |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | डि | ल्ल | ता | श | क्र | ध | नु | र्वि | भू | षि | ताः |
| प | यो | ध | रा | स्तो | य | भ | रा | व | ल | म्बि | नः |
| स्त्रि | य | श्च | का | ञ्ची | म | णि | कु | ण्ड | लो | ज्ज्व | ला |
| ह | र | न्ति | चे | तो | यु | ग | प | त्प्र | वा | सि | नाम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.