वहन्ति वर्षन्ति नदन्ति भान्ति
व्यायन्ति नृत्यन्ति समाश्रयन्ति ।
नद्यो घना मत्तगजा वनान्ताः
प्रियाविहीनाः शिखिनः प्लवंगाः ॥

अन्वयः AI नद्यः वहन्ति, घनाः वर्षन्ति, मत्तगजाः नदन्ति, वनान्ताः भान्ति, प्रियाविहीनाः ध्यायन्ति, शिखिनः नृत्यन्ति, प्लवंगाः उन्नतान् प्रदेशान् समाश्रयन्ति।
Summary AI Rivers flow, clouds rain, rutting elephants trumpet, forest regions shine, those separated from their beloveds pine, peacocks dance, and monkeys take refuge on high ground.
सारांश AI नदियां बह रही हैं, बादल बरस रहे हैं, हाथी चिंघाड़ रहे हैं, वन सुशोभित हैं, विरही अपनी प्रियाओं का ध्यान कर रहे हैं, मोर नाच रहे हैं और मेंढक आश्रय ले रहे हैं।
ऋतुसमुच्चयटीका (अमरकीर्तिसूरिः) अस्य पद्यस्य व्याख्या नोपलभ्यते । प्रक्षिप्तम् पद्यम् स्यात्
चन्द्रिकाटीका (मणिरामः) अस्य पद्यस्य व्याख्या नोपलभ्यते । प्रक्षिप्तम् पद्यम् स्यात्
पदच्छेदः AI
वहन्तिवहन्ति (√वह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they flow
वर्षन्तिवर्षन्ति (√वृष् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they rain
नदन्तिनदन्ति (√नद् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they roar
भान्तिभान्ति (√भा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they shine
ध्यायन्तिध्यायन्ति (√ध्यै कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they pine
नृत्यन्तिनृत्यन्ति (√नृत् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they dance
समाश्रयन्तिसमाश्रयन्ति (सम्+आ√श्रि कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) they take refuge in
नद्यःनदी (१.३) rivers
घनाःघन (१.३) clouds
मत्तगजाःमत्तगज (१.३) rutting elephants
वनान्ताःवनअन्त (१.३) forest regions
प्रियाविहीनाःप्रियाविहीन (१.३) those separated from their beloveds
शिखिनःशिखिन् (१.३) peacocks
प्लवंगाःप्लवंग (१.३) monkeys
छन्दः उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११
न्ति र्ष न्ति न्ति भा न्ति
व्या न्ति नृ त्य न्ति मा श्र न्ति
द्यो ना त्त जा ना न्ताः
प्रि या वि ही नाः शि खि नः प्ल वं गाः
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