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तैः कृतप्रकृतिमुख्यसंग्रहै-
राशु तस्य सहधर्मचारिणी ।
साधु दृष्टशुभगर्भलभक्षणा
प्रत्यपद्यत नराधिपश्रियम् ॥

अन्वयः AI कृत-प्रकृति-मुख्य-संग्रहैः तैः (मन्त्रिभिः) साधु दृष्ट-शुभ-गर्भ-लक्षणा तस्य सहधर्मचारिणी आशु नर-अधिप-श्रियम् प्रत्यपद्यत ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः) तैरिति॥ आशु शीघ्रं कृतः प्रकृतिमुख्यानां पौरजनप्रधानानां संग्रहः संनिपातनं यैस्तादृशैस्तैर्मन्त्रिभिः साधु निपुणं दृष्टशुभगर्भलक्षणा परीक्षितशुभगर्भचिह्ना तस्याग्निवर्णस्य सहचारिणी नराधिपश्रियं प्रत्यपद्यत राज्यलक्ष्मीं प्राप ॥
Summary AI His wife, who showed clear signs of a promising pregnancy, was quickly installed to the royal fortune by those ministers, who had secured the support of the chief citizens.
सारांश AI मंत्रियों ने प्रमुख नागरिकों को एकत्रित कर, राजा की गर्भवती रानी को राजलक्ष्मी के रूप में स्वीकार किया, जिसमें भावी राजा के शुभ लक्षण दिखाई दे रहे थे।
पदच्छेदः AI
तैःतद् (३.३) by them
कृतप्रकृतिमुख्यसंग्रहैःकृतप्रकृतिमुख्यसंग्रह (३.३) by those who had secured the support of the chief citizens
आशुआशु quickly
तस्यतद् (६.१) his
सहधर्मचारिणीसहधर्मचारिणी (१.१) wife (partner in righteousness)
साधुसाधु well
दृष्टशुभगर्भलक्षणादृष्टशुभगर्भलक्षण (१.१) she in whom the auspicious signs of pregnancy were seen
प्रत्यपद्यतप्रत्यपद्यत (प्रति+आ√पद् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) attained
नराधिपश्रियम्नरअधिपश्री (२.१) the royal fortune
छन्दः रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२
तैः कृ प्र कृ ति मु ख्य सं ग्र है
रा शु स्य र्म चा रि णी
सा धु दृ ष्ट शु र्भ क्ष णा
प्र त्य द्य रा धि श्रि यम्
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