कार्तिकीषु सवितानहर्म्यभा-
ग्यामिनीषु ललिताङ्गनासखः ।
अन्वभुङ्क्तसुरतश्रमापहां
मेघमुक्तविशदां स चन्द्रिकाम् ॥
कार्तिकीषु सवितानहर्म्यभा-
ग्यामिनीषु ललिताङ्गनासखः ।
अन्वभुङ्क्तसुरतश्रमापहां
मेघमुक्तविशदां स चन्द्रिकाम् ॥
ग्यामिनीषु ललिताङ्गनासखः ।
अन्वभुङ्क्तसुरतश्रमापहां
मेघमुक्तविशदां स चन्द्रिकाम् ॥
अन्वयः
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सः ललित-अङ्गना-सखः (सन्) कार्तिकीषु यामिनीषु स-वितान-हर्म्य-भाक् (सन्) सुरत-श्रम-अपहाम् मेघ-मुक्त-विशदाम् चन्द्रिकाम् अन्वभुङ्क्त।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
कार्तिकीष्विति॥ कार्तिकस्येमाः कार्तिक्यः।
तस्येदम् (अष्टाध्यायी ४.३.१२० ) इत्यण्। तासु यामिनीषु निशासु। शरद्रात्रिष्वित्यर्थः। सवितानान्युपरिवस्त्रावृतानि हर्म्याणि भजतीति सवितानहर्म्यभाक्। भजेर्ण्विप्रत्ययः। हिमवारणार्थं सवितानमुक्तम्। ललिताङ्गनासखः सोऽग्निवर्णः सुरतश्रमापहां मेघमुक्ता च सा विशदा च ताम्। बहुलग्रहणात्सविशेषणसमासः। चन्द्रिकामन्वभुङ्क्त ॥
Summary
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Accompanied by charming women, he enjoyed the clear, bright moonlight on the nights of the Kartika month. From the canopied terrace of his mansion, he savored the moonlight, which was free from clouds and soothed the fatigue of their lovemaking.
सारांश
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कार्तिक की रातों में महल की छतों पर सुंदरियों के साथ राजा ने बादलों से मुक्त निर्मल चांदनी का आनंद लेकर अपनी थकान मिटाई।
पदच्छेदः
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| कार्तिकीषु | कार्तिकी (७.३) | on the nights of Kartika month |
| सवितानहर्म्यभाक् | स–वितान–हर्म्य–भाज् (१.१) | occupying a canopied mansion |
| यामिनीषु | यामिनी (७.३) | on the nights |
| ललिताङ्गनासखः | ललित–अङ्गना–सखि (१.१) | he whose companions were charming women |
| अन्वभुङ्क्त | अन्वभुङ्क्त (अनु√भुज् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | he enjoyed |
| सुरतश्रमापहाम् | सुरत–श्रम–अपहा (२.१) | which removes the fatigue of love-making |
| मेघमुक्तविशदाम् | मेघ–मुक्त–विशदा (२.१) | bright, being free from clouds |
| सः | तद् (१.१) | he |
| चन्द्रिकाम् | चन्द्रिका (२.१) | the moonlight |
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| का | र्ति | की | षु | स | वि | ता | न | ह | र्म्य | भा |
| ग्या | मि | नी | षु | ल | लि | ता | ङ्ग | ना | स | खः |
| अ | न्व | भु | ङ्क्त | सु | र | त | श्र | मा | प | हां |
| मे | घ | मु | क्त | वि | श | दां | स | च | न्द्रि | काम् |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
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