तस्मै विसृज्योत्तरकोसलानां
धर्मोत्तरस्तत्प्रभवे प्रभुत्वम् ।
मृगैरजयं जरसोपदिष्ट-
मदेहबन्धाय पुनर्बबन्ध ॥
तस्मै विसृज्योत्तरकोसलानां
धर्मोत्तरस्तत्प्रभवे प्रभुत्वम् ।
मृगैरजयं जरसोपदिष्ट-
मदेहबन्धाय पुनर्बबन्ध ॥
धर्मोत्तरस्तत्प्रभवे प्रभुत्वम् ।
मृगैरजयं जरसोपदिष्ट-
मदेहबन्धाय पुनर्बबन्ध ॥
अन्वयः
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धर्मोत्तरः (सः) तत्प्रभवे तस्मै उत्तरकोसलानां प्रभुत्वं विसृज्य, जरसा उपदिष्टम् अजयं मृगैः (सह) अदेहबन्धाय पुनः बबन्ध ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तस्मा इति॥ धर्मोत्तरो धर्मप्रधानः स लनः प्रभवे समर्थाय तस्मै नभसे तदुत्तरकोसलानां प्रभुत्वमाधिपत्यं विसृज्य दत्त्वा जरसा जरयोपदिष्टम्। वार्धके चिकीर्षितमित्यर्थः। मृगैरजर्यं तैः सह संगतम्।
अजर्यं संगतम् (अष्टाध्यायी ३.१.१०५ ) इति निपातः। पुनरदेहबन्धाय पुनर्देहसंबन्धनिवृत्तये बबन्ध। मोक्षार्थं वनं गत इत्यर्थः। अदेहबन्धाय इत्यत्र प्रसज्यप्रतिषेधेऽपि नञ्समासं इष्यते ॥
Summary
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The righteous King Nala, having handed over the sovereignty of the North Kosalas to his son Nabhas, established a new friendship with the deer in the forest—a friendship advised by old age—in order to attain liberation from rebirth.
सारांश
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धर्मनिष्ठ नल ने उत्तर कोसल का राज्य अपने पुत्र नभस को सौंप दिया और वृद्धावस्था में मोक्ष प्राप्ति के लिए मृगों के साथ वन में तपस्वी जीवन अपना लिया।
पदच्छेदः
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| तस्मै | तद् (४.१) | to him (Nabhas) |
| विसृज्य | विसृज्य (वि√सृज्+ल्यप्) | having handed over |
| उत्तरकोसलानाम् | उत्तरकोसल (६.३) | of the North Kosalas |
| धर्मोत्तरः | धर्म–उत्तर (१.१) | he for whom righteousness was chief (Nala) |
| तत्प्रभवे | तद्–प्रभव (४.१) | to his own offspring |
| प्रभुत्वम् | प्रभुत्व (२.१) | the sovereignty |
| मृगैः | मृग (३.३) | with the deer |
| अजयम् | अजय (२.१) | friendship |
| जरसा | जरस् (३.१) | by old age |
| उपदिष्टम् | उपदिष्ट (उप√दिश्+क्त, २.१) | indicated |
| अदेहबन्धाय | अ–देह–बन्ध (४.१) | for liberation from the body |
| पुनः | पुनर् | again |
| बबन्ध | बबन्ध (√बन्ध् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | formed |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मै | वि | सृ | ज्यो | त्त | र | को | स | ला | नां |
| ध | र्मो | त्त | र | स्त | त्प्र | भ | वे | प्र | भु | त्वम् |
| मृ | गै | र | ज | यं | ज | र | सो | प | दि | ष्ट |
| म | दे | ह | ब | न्धा | य | पु | न | र्ब | ब | न्ध |
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