तं राजवीथ्यामधिहस्ति यान्त-
माधोरणालम्बितमग्र्यवेशम् ।
षड्वर्षदेशीयमपि प्रभुत्वा-
त्प्रैक्षन्त पौराः पितृगौरवेण ॥
तं राजवीथ्यामधिहस्ति यान्त-
माधोरणालम्बितमग्र्यवेशम् ।
षड्वर्षदेशीयमपि प्रभुत्वा-
त्प्रैक्षन्त पौराः पितृगौरवेण ॥
माधोरणालम्बितमग्र्यवेशम् ।
षड्वर्षदेशीयमपि प्रभुत्वा-
त्प्रैक्षन्त पौराः पितृगौरवेण ॥
अन्वयः
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पौराः षट्-वर्ष-देशीयम् अपि, राज-वीथ्याम् अधि-हस्ति यान्तम्, आधोरण-आलम्बितम्, अग्र्य-वेशम् तम्, प्रभुत्वात् पितृ-गौरवेण च प्रैक्षन्त ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तमिति॥ राजवीथ्यां राजमार्गेऽधिहस्ति हस्तिनि। विभक्त्यर्थेऽव्ययीभावः। यान्तं गच्छन्तम्, हस्तिनमारुह्य गच्छन्तमित्यर्थः। आधोरणालम्बितं शिशुत्वात्सादिना गृहीतमग्र्यवेशमुदारनेपथ्यं षड्वर्षाणि भूतः षड्वर्षः।
तद्धितार्थ- (अष्टाध्यायी २.१.५१ ) इत्यादिना समासः। तमधीषअटो भृतो भूतो भावी इत्यधिकारे चित्तवति नित्यम् इति तद्धितस्य लुक्। ईषदसमाप्तः षड्वर्षः षड्वर्षदेशीयः। ईषदसमाप्तौ- (अष्टाध्यायी ५.३.६७ ) इत्यादिना देशीयर्प्रत्ययः। तं षड्वर्षदेशीयमपि बालमपि तं सुदर्शनं पौराः प्रभुत्वात्पितृगौरवेण प्रैक्षन्त। पितरि यादृग्गौरवं तादृशे नैव ददृशिरित्यर्थः ॥
Summary
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The citizens gazed upon him—though only about six years old, dressed in fine attire, supported by his elephant driver, and riding an elephant on the royal road—with respect born of his own innate majesty and the reverence they held for his father.
सारांश
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हाथी पर सवार होकर निकलते हुए उस छह वर्ष के बालक राजा के राजसी तेज को देखकर प्रजा ने उन्हें अपने स्वर्गीय राजा के समान ही आदर दिया।
पदच्छेदः
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| तं | तद् (२.१) | him |
| राजवीथ्याम् | राज–वीथी (७.१) | on the royal road |
| अधिहस्ति | अधिहस्ति | on an elephant |
| यान्तम् | यात् (√या+शतृ, २.१) | going |
| आधोरणालम्बितम् | आधोरण–आलम्बित (आ√लम्ब्+क्त, २.१) | supported by the elephant driver |
| अग्र्यवेशम् | अग्र्य–वेश (२.१) | in fine attire |
| षड्वर्षदेशीयम् | षष्–वर्ष–देशीय (२.१) | about six years old |
| अपि | अपि | though |
| प्रभुत्वात् | प्रभुत्व (५.१) | due to his majesty |
| प्रैक्षन्त | प्रैक्षन्त (प्र√ईक्ष् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | gazed upon |
| पौराः | पौर (१.३) | The citizens |
| पितृगौरवेण | पितृ–गौरव (३.१) | with the respect due to his father |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तं | रा | ज | वी | थ्या | म | धि | ह | स्ति | या | न्त |
| मा | धो | र | णा | ल | म्बि | त | म | ग्र्य | वे | शम् |
| ष | ड्व | र्ष | दे | शी | य | म | पि | प्र | भु | त्वा |
| त्प्रै | क्ष | न्त | पौ | राः | पि | तृ | गौ | र | वे | ण |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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