महीं महेच्छः परिकीर्य सूनौ
मनीषिणे जैमिनयेऽर्पितात्मा ।
तस्मात्सयोगादधिगम्य योग-
मजन्मनेऽकल्पत जन्मभीरुः ॥
महीं महेच्छः परिकीर्य सूनौ
मनीषिणे जैमिनयेऽर्पितात्मा ।
तस्मात्सयोगादधिगम्य योग-
मजन्मनेऽकल्पत जन्मभीरुः ॥
मनीषिणे जैमिनयेऽर्पितात्मा ।
तस्मात्सयोगादधिगम्य योग-
मजन्मनेऽकल्पत जन्मभीरुः ॥
अन्वयः
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महा-इच्छः जन्म-भीरुः (पुत्रः) मनीषिणे सूनौ (पुष्ये) महीम् परिकीर्य, जैमिनये अर्पित-आत्मा (सन्), तस्मात् संयोगात् योगम् अधिगम्य, अजन्मने अकल्पत ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
महीमिति॥ महेच्छो महाशयः।
महेच्छस्तु महाशयः इत्यमरः (अमरकोशः ३.१.३ ) । जन्मभीरुः संसारभीरुः स पुत्रः सूनौ महीं परिकीर्य विसृज्य मनीषिणे ब्रह्मविद्याविदुषे जैमिनये मुनयेऽर्पितात्मा। शिष्यभूतः सन्नित्यर्थः। सयोगाद्योगिनस्तस्माज्जैमिनेर्योगं योगविद्यामधिगम्याजन्मने जन्मनिवृत्तये मोक्षायाकल्पत समपद्यत। क्लृपेः संपद्यमाने चतुर्थी वक्तव्या। मुक्तोऽभूदित्यर्थः ॥
Summary
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The high-minded King Putra, who feared rebirth, entrusted the earth to his wise son Pushya. He then surrendered himself to the sage Jaimini and, through that association, mastered Yoga and became fit for liberation from the cycle of birth.
सारांश
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राजा पुष्य ने पुत्र को राज्य सौंपकर ऋषि जैमिनि से योग की शिक्षा ली और संसार के आवागमन के भय से मुक्त होकर मोक्ष पद प्राप्त किया।
पदच्छेदः
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| महीं | मही (२.१) | the earth |
| महेच्छः | महत्–इच्छा (१.१) | The high-minded |
| परिकीर्य | परिकीर्य (परि√कॄ+ल्यप्) | having entrusted |
| सूनौ | सूनु (७.१) | to his son |
| मनीषिणे | मनीषिन् (७.१) | the wise |
| जैमिनये | जैमिनि (४.१) | to Jaimini |
| अर्पितात्मा | अर्पित (√अर्पित+णिच्+क्त)–आत्मन् (१.१) | having surrendered himself |
| तस्मात् | तद् (५.१) | from that |
| संयोगात् | संयोग (५.१) | association |
| अधिगम्य | अधिगम्य (अधि√गम्+ल्यप्) | having attained |
| योगम् | योग (२.१) | Yoga |
| अजन्मने | अजन्मन् (४.१) | for non-rebirth |
| अकल्पत | अकल्पत (√कॢप् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | became fit |
| जन्मभीरुः | जन्म–भीरु (१.१) | one who feared rebirth |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | हीं | म | हे | च्छः | प | रि | की | र्य | सू | नौ |
| म | नी | षि | णे | जै | मि | न | ये | ऽर्पि | ता | त्मा |
| त | स्मा | त्स | यो | गा | द | धि | ग | म्य | यो | ग |
| म | ज | न्म | ने | ऽक | ल्प | त | ज | न्म | भी | रुः |
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