गुरोः स चानन्तरमन्तरज्ञः
पुंसां पुमानाद्य इवावतीर्णः ।
उपक्रमैरस्खलितैश्चतुर्भि-
श्चतुर्दिगीशश्चतुरो बभूव ॥
गुरोः स चानन्तरमन्तरज्ञः
पुंसां पुमानाद्य इवावतीर्णः ।
उपक्रमैरस्खलितैश्चतुर्भि-
श्चतुर्दिगीशश्चतुरो बभूव ॥
पुंसां पुमानाद्य इवावतीर्णः ।
उपक्रमैरस्खलितैश्चतुर्भि-
श्चतुर्दिगीशश्चतुरो बभूव ॥
अन्वयः
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पुंसां अन्तरज्ञः, आद्यः पुमान् इव अवतीर्णः सः च गुरोः अनन्तरम् अस्खलितैः चतुर्भिः उपक्रमैः चतुरः चतुर्दिगीशः बभूव ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
गुरोरिति॥ पुंसामन्तरज्ञो विशेषज्ञश्चतुरो निपुणः सोऽहीनगुश्य गुरोः पितुरनन्तरम्। अवतीर्णो भुवं प्राप्त आद्यः पुमान् विष्णुरिव। अस्खलितैरप्रतिहतैश्चतुर्भिरुपक्रमैः सामाद्युपायैः।
सामादिभिरुपक्रमैः(७।१०७) इति मनुः। चतुर्दिगीशश्चतसृणां दिशामीशो बभूव ॥
Summary
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After his father, his son (Pariyatra), a knower of men's minds who seemed like an incarnation of the Primeval Man (Vishnu), became the skilled lord of the four quarters by employing the four unfailing political expedients.
सारांश
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पिता के पश्चात, आदिपुरुष के समान तेजस्वी अहीनगु ने अपनी अटूट और सफल चारों नीतियों के द्वारा चारों दिशाओं पर शासन किया।
पदच्छेदः
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| गुरोः | गुरु (६.१) | of his father (Ahinagu) |
| सः | तद् (१.१) | he (Ahinagu's son) |
| च | च | and |
| अनन्तरम् | अनन्तरम् | after |
| अन्तरज्ञः | अन्तर–ज्ञ (१.१) | a knower of men's minds |
| पुंसाम् | पुंस् (६.३) | of men |
| पुमान् | पुंस् (१.१) | man |
| आद्यः | आद्य (१.१) | the primeval |
| इव | इव | like |
| अवतीर्णः | अवतीर्ण (अव√तॄ+क्त, १.१) | incarnated |
| उपक्रमैः | उपक्रम (३.३) | by means/policies |
| अस्खलितैः | अस्खलित (३.३) | unfailing |
| चतुर्भिः | चतुर् (३.३) | by the four |
| चतुर्दिगीशः | चतुर्–दिक्–ईश (१.१) | lord of the four quarters |
| चतुरः | चतुर (१.१) | skilled |
| बभूव | बभूव (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | became |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| गु | रोः | स | चा | न | न्त | र | म | न्त | र | ज्ञः |
| पुं | सां | पु | मा | ना | द्य | इ | वा | व | ती | र्णः |
| उ | प | क्र | मै | र | स्ख | लि | तै | श्च | तु | र्भि |
| श्च | तु | र्दि | गी | श | श्च | तु | रो | ब | भू | व |
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