अन्वयः
AI
षण्मुखविक्रमः सः साधनीयेषु वस्तुषु षण्णाम् गुणानाम् बलानाम् च विनियोगज्ञः बभूव ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
स इति॥ षण्मुखविक्रमः स राजा षण्णां गुणानां संधिविग्रहादीनां बलानां मूलमृत्यादीनां च साधनीयेषु वस्तुषु साध्येष्वर्थेषु विनियोगं जानातीति विनियोगस्य ज्ञ इति वा विनियोगज्ञः। कर्मविवक्षायामुपपदसमासः।
आतोऽनुपसर्गे कः (अष्टाध्यायी ३.२.३ ) इति कप्रत्ययः। शेषविवक्षायां षष्ठीसमासः। इगुपध- (अष्टाध्यायी ३.१.१३५ ) इत्यादिना कप्रत्ययः। बभूव। इदमत्र प्रयोक्तव्यम् इत्याद्यज्ञासीदित्यर्थः ॥
Summary
AI
King Atithi, possessing prowess like the six-faced god Kartikeya, was an expert in applying the six traditional political stratagems (Guṇas) and the various types of power (Bala) to achieve his objectives.
सारांश
AI
कार्तिकेय के समान पराक्रमी वे राजा, राजनीति के छह गुणों और अपनी सेना के छह अंगों का उचित समय और स्थान पर सही प्रयोग करना भली-भांति जानते थे।
पदच्छेदः
AI
| सः | तद् (१.१) | He |
| गुणानाम् | गुण (६.३) | of the six stratagems |
| बलानाम् | बल (६.३) | of the powers |
| च | च | and |
| षण्णाम् | षष् (६.३) | of the six |
| षण्मुखविक्रमः | षण्मुख–विक्रम (१.१) | having the prowess of Kartikeya |
| बभूव | बभूव (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was |
| विनियोगज्ञः | विनियोग–ज्ञ (१.१) | the knower of the proper application |
| साधनीयेषु | साधनीय (७.३) | in matters to be accomplished |
| वस्तुषु | वस्तु (७.३) | in matters |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | गु | णा | नां | ब | ला | नां | च |
| ष | ण्णां | ष | ण्मु | ख | वि | क्र | मः |
| ब | भू | व | वि | नि | यो | ग | ज्ञः |
| सा | ध | नी | ये | षु | व | स्तु | षु |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.