लब्धान्तरा सावरणेऽपि गेहे
योगप्रभावो न च लक्ष्यते ते ।
बिभर्षि चाकारमनिर्वृतानां
मृणालिनी हैममिवोपरागम् ॥
लब्धान्तरा सावरणेऽपि गेहे
योगप्रभावो न च लक्ष्यते ते ।
बिभर्षि चाकारमनिर्वृतानां
मृणालिनी हैममिवोपरागम् ॥
योगप्रभावो न च लक्ष्यते ते ।
बिभर्षि चाकारमनिर्वृतानां
मृणालिनी हैममिवोपरागम् ॥
अन्वयः
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सावरणे अपि गेहे लब्धान्तरा (असि), (किन्तु) ते योगप्रभावः च न लक्ष्यते। (त्वम्) अनिर्वृतानाम् आकारं च बिभर्षि, मृणालिनी हैमम् उपरागम् इव।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
लब्धेति। का त्वमिति च॥ युग्मम्। सावरणेऽपि गेहे लब्धान्तरा लब्धावकाशा। त्वमिति शेषः। योगप्रभावश्च ते न लक्ष्यते। मृणालिनी हैमं हिमकृतमुपरागमुपद्रवमिव। अनिर्वृतानां दुःखितानामाकारं बिभर्षि च। न हि योगिनां दुःखमस्तीति भावः। किं च, हे शुभे! त्वं का? कस्य वा परिग्रहः पन्ती? ते तव मदभ्यागमे कारणं वा किम्? वशिनां जितेन्द्रियाणां रघूणां मनः परस्त्रीषु विषये विमुखा प्रवृत्तिर्यस्य तत्तथाभूतं मत्वाऽऽचक्ष्व ॥
Summary
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You have gained entry even into this guarded chamber, yet you do not seem to possess yogic powers. And you bear the appearance of one who is distressed, like a lotus plant afflicted by frost.
सारांश
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कुश ने कहा कि बंद घर में तुम्हारा प्रवेश रहस्यमयी है और तुम पाले से झुलसी कमलिनी की तरह अत्यंत दुखी दिखाई दे रही हो।
पदच्छेदः
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| लब्धान्तरा | लब्ध–अन्तरा (१.१) | You who have gained entry |
| सावरणे | स–आवरण (७.१) | which has barriers |
| अपि | अपि | even |
| गेहे | गेह (७.१) | in the house |
| योगप्रभावः | योग–प्रभाव (१.१) | the power of yoga |
| न | न | not |
| च | च | and |
| लक्ष्यते | लक्ष्यते (√लक्ष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is perceived |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| बिभर्षि | बिभर्षि (√भृ कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you bear |
| च | च | and |
| आकारम् | आकार (२.१) | the appearance |
| अनिर्वृतानाम् | अनिर्वृत (६.३) | of the unhappy |
| मृणालिनी | मृणालिनी (१.१) | a lotus plant |
| हैमम् | हैम (२.१) | caused by frost |
| इव | इव | like |
| उपरागम् | उपराग (२.१) | an affliction |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ल | ब्धा | न्त | रा | सा | व | र | णे | ऽपि | गे | हे |
| यो | ग | प्र | भा | वो | न | च | ल | क्ष्य | ते | ते |
| बि | भ | र्षि | चा | का | र | म | नि | र्वृ | ता | नां |
| मृ | णा | लि | नी | है | म | मि | वो | प | रा | गम् |
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