आसां जलास्फालनतत्पराणां
मुक्ताफलस्पर्धिषु शीकरेषु ।
पयोधरोत्सर्पिषु शीर्यमाणः
संलक्ष्यते न ञ्छिदुरोऽपि हारः ॥
आसां जलास्फालनतत्पराणां
मुक्ताफलस्पर्धिषु शीकरेषु ।
पयोधरोत्सर्पिषु शीर्यमाणः
संलक्ष्यते न ञ्छिदुरोऽपि हारः ॥
मुक्ताफलस्पर्धिषु शीकरेषु ।
पयोधरोत्सर्पिषु शीर्यमाणः
संलक्ष्यते न ञ्छिदुरोऽपि हारः ॥
अन्वयः
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जल-आस्फालन-तत्पराणाम् आसाम् पयोधर-उत्सर्पिषु मुक्ता-फल-स्पर्धिषु शीकरेषु शीर्यमाणः च्छिदुरः हारः अपि न संलक्ष्यते ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
आसामिति॥ जलस्यास्फालने तत्पराणामासक्तानामासां स्त्रीणां मुक्ताफसस्पर्धिषु मौक्तिकानुकारिषु पयोधरेषु स्तनेषूत्सर्पन्त्युत्पतन्ति ये तेषु शीकरेषु शीकराणां मध्ये शीर्यमाणो गलन् हारोऽत एव छिदुरः स्वयं छिन्नोऽपि न संलक्ष्यते।
विदिभिदिच्छिदेः कुरच् (अष्टाध्यायी ३.२.१६२ ) इति कुरच्प्रत्ययः। शीकरसंसर्गाच्छिन्न इति न ज्ञायत इति भावः ॥
Summary
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"For these women engaged in splashing water, even a broken pearl necklace is not noticed as it scatters. This is because its pearls are indistinguishable among the water droplets rising from their breasts, which themselves rival pearls in appearance."
सारांश
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स्त्रियों के जल प्रहार से उछलती बूंदें मोतियों से स्पर्धा कर रही हैं। उनके स्तनों पर बिखरते जलकण ऐसे प्रतीत होते हैं मानो उनके मोतियों के हार टूट रहे हों।
पदच्छेदः
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| आसाम् | इदम् (६.३) | Of these (women) |
| जल-आस्फालन-तत्पराणाम् | जल–आस्फालन–तत्पर (६.३) | who are engaged in splashing water |
| मुक्ता-फल-स्पर्धिषु | मुक्ता–फल–स्पर्धिन् (७.३) | which rival pearls |
| शीकरेषु | शीकर (७.३) | among the water droplets |
| पयोधर-उत्सर्पिषु | पयोधर–उत्सर्पिन् (७.३) | which are rising from their breasts |
| शीर्यमाणः | शीर्यमाण (√शॄ+शानच्, १.१) | breaking |
| संलक्ष्यते | संलक्ष्यते (सम्√लक्ष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is not perceived |
| न | न | not |
| छिदुरः | छिदुर (१.१) | even a broken |
| अपि | अपि | even |
| हारः | हार (१.१) | necklace |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | सां | ज | ला | स्फा | ल | न | त | त्प | रा | णां |
| मु | क्ता | फ | ल | स्प | र्धि | षु | शी | क | रे | षु |
| प | यो | ध | रो | त्स | र्पि | षु | शी | र्य | मा | णः |
| सं | ल | क्ष्य | ते | न | ञ्छि | दु | रो | ऽपि | हा | रः |
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