अथोर्मिलोलोन्मदराजहंसे
रोधोलतापुष्पवहे सरय्वाः ।
विहर्तुमिच्छा वनितासखस्य
तस्याम्भसि ग्रीष्मसुखे बभूव ॥
अथोर्मिलोलोन्मदराजहंसे
रोधोलतापुष्पवहे सरय्वाः ।
विहर्तुमिच्छा वनितासखस्य
तस्याम्भसि ग्रीष्मसुखे बभूव ॥
रोधोलतापुष्पवहे सरय्वाः ।
विहर्तुमिच्छा वनितासखस्य
तस्याम्भसि ग्रीष्मसुखे बभूव ॥
अन्वयः
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अथ वनिता-सखस्य तस्य ऊर्मि-लोल-उन्मद-राजहंसे रोधः-लता-पुष्प-वहे ग्रीष्म-सुखे सरय्वाः अम्भसि विहर्तुम् इच्छा बभूव ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अथेति॥ अथोर्मिषु लोलाः सतृष्णा उन्मदा राजहंसा यस्मिंस्तस्मिन्।
लोलश्चलसतृष्णयोः इत्यमरः (अमरकोशः ३.३.२१४ ) । रोधोलतापुष्पाणां वहे प्रापके। पचाद्यच्। ग्रीष्मेषु सुखे सुखकरे सरय्वा अम्भसि पयसि तस्य कुशस्य वनितासखस्य। वनिताभिः सहेत्यर्थः। विहर्तुमिच्छा बभूव ॥
Summary
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Then, a desire arose in him (King Kusha), who was accompanied by his wives, to sport in the waters of the Sarayu river. The water was pleasant in summer, carried flowers from the bank-side creepers, and had royal swans frolicking excitedly on its waves.
सारांश
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राजहंसों और फूलों से लदी लहरों वाली सरयू नदी के सुखद जल में राजा कुश की अपनी रानियों के साथ विहार करने की इच्छा जागृत हुई।
पदच्छेदः
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| अथ | अथ | Then |
| ऊर्मि-लोल-उन्मद-राजहंसे | ऊर्मि–लोल–उन्मद–राजहंस (७.१) | in which the royal swans were excited and unsteady on the waves |
| रोधः-लता-पुष्प-वहे | रोधस्–लता–पुष्प–वह (७.१) | which carried the flowers of the creepers on its banks |
| सरय्वाः | सरयू (६.१) | of the Sarayu river |
| विहर्तुम् | विहर्तुम् (वि√हृ+तुमुन्) | to sport |
| इच्छा | इच्छा (१.१) | a desire |
| वनिता-सखस्य | वनिता–सखि (६.१) | of him who was accompanied by his wives |
| तस्य | तद् (६.१) | his |
| अम्भसि | अम्भस् (७.१) | in the water |
| ग्रीष्म-सुखे | ग्रीष्म–सुख (७.१) | which is pleasant in summer |
| बभूव | बभूव (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | arose |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थो | र्मि | लो | लो | न्म | द | रा | ज | हं | से |
| रो | धो | ल | ता | पु | ष्प | व | हे | स | र | य्वाः |
| वि | ह | र्तु | मि | च्छा | व | नि | ता | स | ख | स्य |
| त | स्या | म्भ | सि | ग्री | ष्म | सु | खे | ब | भू | व |
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