ततः सपर्यां सपशूपहारां
पुरः परार्ध्यप्रतिमागृहायाः ।
उपोषितैर्वास्तुविधानविद्भि-
र्निर्वर्तयामास रघुप्रवीरः ॥
ततः सपर्यां सपशूपहारां
पुरः परार्ध्यप्रतिमागृहायाः ।
उपोषितैर्वास्तुविधानविद्भि-
र्निर्वर्तयामास रघुप्रवीरः ॥
पुरः परार्ध्यप्रतिमागृहायाः ।
उपोषितैर्वास्तुविधानविद्भि-
र्निर्वर्तयामास रघुप्रवीरः ॥
अन्वयः
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ततः रघुप्रवीरः उपोषितैः वास्तुविधानविद्भिः परार्ध्यप्रतिमागृहायाः पुरः सपशूपहाराम् सपर्याम् निर्वर्तयामास ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तत इति॥ ततो रङुप्रवीरः कुशः प्रतिमा देवताप्रतिकृतयः। अर्चा इत्यर्थः। परार्धअयप्रतिमागृहायाः प्रशस्तदेवतायतनायाः पर उपोषितैर्वास्तुविधानविद्भिः प्रयोज्यैः पशूपहारैः सहितां सपशूपहारां सपर्यां निर्वर्तयामास कारयामास। अत्र ण्यन्ताण्णिच्पुनरित्यनुसंधेयम्। अन्यथा वृतेरकर्मकस्य करोत्यर्थत्वे कारयत्यर्थाभावप्रसङ्गात्। भवितव्यं वृतेरण्यन्तकर्त्रा प्रयोज्यत्वेन तन्निर्देशात्प्रयोगान्तरस्यापेक्षितत्वात् ॥
Summary
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Then, the hero of the Raghus (Kusha) had the worship ceremony, complete with animal and other offerings, performed for the city, which possessed a temple with a most excellent idol, by experts in architectural rites who had duly fasted.
सारांश
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कुश ने वास्तु शास्त्र के अनुसार नगर की मूर्तियों और अधिष्ठात्री शक्तियों की विशेष पूजा एवं बलि अनुष्ठान संपन्न कराए।
पदच्छेदः
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| ततः | ततः | Then |
| सपर्याम् | सपर्या (२.१) | worship |
| सपशूपहाराम् | स–पशु–उपहार (२.१) | accompanied by animal and other offerings |
| पुरः | पुर (६.१) | of the city |
| परार्ध्यप्रतिमागृहायाः | परार्ध्य–प्रतिमा–गृह (६.१) | which had a temple with a most excellent idol |
| उपोषितैः | उपोषित (उप√वस्+क्त, ३.३) | by those who had fasted |
| वास्तुविधानविद्भिः | वास्तु–विधान–विद् (३.३) | by experts in architectural rites |
| निर्वर्तयामास | निर्वर्तयामास (निर्√वृत् +णिच् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | caused to be performed |
| रघुप्रवीरः | रघु–प्रवीर (१.१) | the hero of the Raghus |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तः | स | प | र्यां | स | प | शू | प | हा | रां |
| पु | रः | प | रा | र्ध्य | प्र | ति | मा | गृ | हा | याः |
| उ | पो | षि | तै | र्वा | स्तु | वि | धा | न | वि | द्भि |
| र्नि | र्व | र्त | या | मा | स | र | घु | प्र | वी | रः |
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