चित्रद्विपाः पद्मवनावतीर्णाः
करेणुभिर्दत्तमृणालभङ्गाः ।
नखाङ्कुशाघातविभिन्नकुम्भाः
संरब्धसिंहप्रहृतं वहन्ति ॥
चित्रद्विपाः पद्मवनावतीर्णाः
करेणुभिर्दत्तमृणालभङ्गाः ।
नखाङ्कुशाघातविभिन्नकुम्भाः
संरब्धसिंहप्रहृतं वहन्ति ॥
करेणुभिर्दत्तमृणालभङ्गाः ।
नखाङ्कुशाघातविभिन्नकुम्भाः
संरब्धसिंहप्रहृतं वहन्ति ॥
अन्वयः
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पद्म-वन-अवतीर्णाः, करेणुभिः दत्त-मृणाल-भङ्गाः, नख-अङ्कुश-आघात-विभिन्न-कुम्भाः चित्र-द्विपाः संरब्ध-सिंह-प्रहृतम् वहन्ति ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
चित्रेति॥ पद्मवनमवतीर्णाः प्रविष्टाः। तथा लिखिता इत्यर्थः। करेणुभिः करिणीभिः। चित्रगताभिरेव।
करेणुरिभ्यां स्त्री नेमे इत्यमरः (अमरकोशः ३.३.५९ ) । दत्तमृणालभङ्गाश्चित्रद्विपा आलेख्यमातङ्गाः। नखा एवाङ्कुशास्तेषामाघातैर्विभिन्नकुम्भाः सन्तः संरब्धसिंहप्रहृतं कुपितसिंहप्रहारं वहन्ति ॥
Summary
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The painted elephants on the walls, depicted as entering lotus ponds and being offered lotus stalks by female elephants, now bear the marks of attacks from enraged lions, their painted foreheads shattered by claw-strikes that resemble goads.
सारांश
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चित्रों में अंकित वे हाथी, जिन्हें कभी हथिनियाँ कमल की नाल खिलाती थीं, अब सिंहों के प्रहार से क्षत-विक्षत होकर विनाश की गाथा कह रहे हैं।
पदच्छेदः
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| चित्रद्विपाः | चित्र–द्विप (१.३) | The painted elephants |
| पद्मवनावतीर्णाः | पद्म–वन–अवतीर्ण (१.३) | depicted as entering lotus ponds |
| करेणुभिः | करेणु (३.३) | by female elephants |
| दत्तमृणालभङ्गाः | दत्त–मृणाल–भङ्ग (१.३) | being offered pieces of lotus-stalks |
| नखाङ्कुशाघातविभिन्नकुम्भाः | नख–अङ्कुश–आघात–विभिन्न–कुम्भ (१.३) | their foreheads shattered by claw-strikes resembling goads |
| संरब्धसिंहप्रहृतं | संरब्ध–सिंह–प्रहृत (२.१) | the attack of enraged lions |
| वहन्ति | वहन्ति (√वह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | bear |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| चि | त्र | द्वि | पाः | प | द्म | व | ना | व | ती | र्णाः |
| क | रे | णु | भि | र्द | त्त | मृ | णा | ल | भ | ङ्गाः |
| न | खा | ङ्कु | शा | घा | त | वि | भि | न्न | कु | म्भाः |
| सं | र | ब्ध | सिं | ह | प्र | हृ | तं | व | ह | न्ति |
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