आस्फालितं यत्प्रमदाकराग्रै-
र्मृदङ्गधीरध्वनिमन्वगच्छत् ।
वन्यैरिदानीं महिषैस्तदम्भः
श्रृङ्गाहतं क्रोशति दीर्घिकाणाम् ॥
आस्फालितं यत्प्रमदाकराग्रै-
र्मृदङ्गधीरध्वनिमन्वगच्छत् ।
वन्यैरिदानीं महिषैस्तदम्भः
श्रृङ्गाहतं क्रोशति दीर्घिकाणाम् ॥
र्मृदङ्गधीरध्वनिमन्वगच्छत् ।
वन्यैरिदानीं महिषैस्तदम्भः
श्रृङ्गाहतं क्रोशति दीर्घिकाणाम् ॥
अन्वयः
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यत् दीर्घिकाणाम् अम्भः प्रमदा-कर-अग्रैः आस्फालितम् सत् मृदङ्ग-धीर-ध्वनिम् अन्वगच्छत्, तत् अम्भः इदानीम् वन्यैः महिषैः शृङ्ग-आहतम् सत् क्रोशति ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
आस्फालितमिति॥ यदम्भः प्रमदाकराग्रैरास्फालितं ताडितं सत्। जलक्रीडास्विति शेषः। मृदङ्गानां धीरध्वनिस्तमन्वगच्छदन्वकरोत्। तद्दीर्घिकाणामम्भ इदानीं वन्यैर्महिषैः कर्तृभिः शृङ्गैर्विषणैराहतं सत् क्रोशति। न तु मृदङ्गध्वनिमनुकरोतीत्यर्थः ॥
Summary
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The water of the pleasure-ponds, which once, when struck by the hands of playful women, echoed the deep sound of the mṛdaṅga drum, now cries out as it is struck by the horns of wild buffaloes.
सारांश
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बावलियों का वह जल, जो कभी सुंदरियों के हाथों की थाप से मृदंग जैसा बजता था, अब जंगली भैंसों के सींगों के प्रहार से कराहता हुआ सा लगता है।
पदच्छेदः
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| आस्फालितं | आस्फालित (आ√आस्फल्+क्त, १.१) | struck |
| यत् | यद् (१.१) | which |
| प्रमदाकराग्रैः | प्रमदा–कर–अग्र (३.३) | by the fingertips of playful women |
| मृदङ्गधीरध्वनिम् | मृदङ्ग–धीर–ध्वनि (२.१) | the deep sound of the mṛdaṅga drum |
| अन्वगच्छत् | अन्वगच्छत् (अनु√गम् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | followed |
| वन्यैः | वन्य (३.३) | by wild |
| इदानीं | इदानीम् | now |
| महिषैः | महिष (३.३) | by buffaloes |
| तत् | तद् (१.१) | that |
| अम्भः | अम्भस् (१.१) | water |
| शृङ्गाहतं | शृङ्ग–आहत (१.१) | struck by horns |
| क्रोशति | क्रोशति (√क्रुश् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | cries out |
| दीर्घिकाणाम् | दीर्घिका (६.३) | of the pleasure-ponds |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | स्फा | लि | तं | य | त्प्र | म | दा | क | रा | ग्रै |
| र्मृ | द | ङ्ग | धी | र | ध्व | नि | म | न्व | ग | च्छत् |
| व | न्यै | रि | दा | नीं | म | हि | षै | स्त | द | म्भः |
| श्रृ | ङ्गा | ह | तं | क्रो | श | ति | दी | र्घि | का | णाम् |
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