अन्वयः
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लक्ष्मणः अपि रघुनाथस्य शासनात् आत्मसंभवौ अङ्गदम् चन्द्रकेतुम् च कारापथेश्वरौ चक्रे ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अङ्गदमिति॥ लक्ष्मणोऽपि रघुनाथस्य रामस्य शासनादङ्गदं चन्द्रकेतुं च तदाख्यावात्मसंभवौ पुत्रौ। कारापथो नाम देशः। तस्येश्वरौ चक्रे ॥
Summary
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Lakshmana also, by the command of Raghunatha (Rama), made his own two sons, Angada and Chandraketu, the rulers of the Karapatha region.
सारांश
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लक्ष्मण ने भी श्रीराम की आज्ञा से अपने पुत्रों अंगद और चंद्रकेतु को कारापथ देश का शासक नियुक्त किया।
पदच्छेदः
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| अङ्गदम् | अङ्गद (२.१) | Angada |
| चन्द्रकेतुम् | चन्द्रकेतु (२.१) | and Chandraketu |
| च | च | and |
| लक्ष्मणः | लक्ष्मण (१.१) | Lakshmana |
| अपि | अपि | also |
| आत्मसंभवौ | आत्मन्–संभव (२.२) | his own two sons |
| शासनात् | शासन (५.१) | by the command |
| रघुनाथस्य | रघुनाथ (६.१) | of Raghunatha (Rama) |
| चक्रे | चक्रे (√कृ कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | made |
| कारापथेश्वरौ | कारापथ–ईश्वर (२.२) | the rulers of Karapatha |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ङ्ग | दं | च | न्द्र | के | तुं | च |
| ल | क्ष्म | णो | ऽप्या | त्म | सं | भ | वौ |
| शा | स | ना | द्र | घु | ना | थ | स्य |
| च | क्रे | का | रा | प | थे | श्व | रौ |
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