अन्वयः
AI
"गेये वाम् विनेता कः नु? इयम् कृतिः च कस्य कवेः?" इति राज्ञा स्वयम् पृष्टौ तौ वाल्मीकिम् अशंसताम् ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
गेय इति॥ गेये गीते को नु वां युवयोर्विनेता शिक्षकः।
नुशब्दः प्रश्ने। नु पृच्छायां वितर्के च इत्यमरः। इयं च कस्य कवेः कृतिरिति राज्ञा स्वयं पृष्टौ तौ कुशलवौ वाल्मीकिमशंसतामुक्तवन्तौ। विनेतारं कविं चेत्यर्थः। गेये केन विनीतौ वाम् इति पाठे वा इति युष्मदर्थप्रतिपादकमव्ययं द्रष्टव्यम्। तथा चायमर्थः।-तेन पुंसा वां युवां गेये गीतविषये विनीतौ शिक्षितौ? कर्मणि निष्ठाप्रत्ययः ॥
Summary
AI
"Who indeed is your instructor in singing? And whose composition is this?" When asked this by the king himself, the two boys named Valmiki.
सारांश
AI
राजा राम ने जब स्वयं उनसे पूछा कि उनका शिक्षक कौन है और यह किसकी रचना है, तब उन्होंने महर्षि वाल्मीकि का नाम लिया।
पदच्छेदः
AI
| गेये | गेय (७.१) | in singing |
| कः | किम् (१.१) | who |
| नु | नु | indeed |
| विनेता | विनेतृ (१.१) | the instructor |
| वां | युष्मद् (६.२) | your |
| कस्य | किम् (६.१) | whose |
| च | च | and |
| इयं | इदम् (१.१) | this |
| कृतिः | कृति (१.१) | composition |
| कवेः | कवि (६.१) | of the poet |
| इति | इति | thus |
| राज्ञा | राजन् (३.१) | by the king |
| स्वयं | स्वयम् | himself |
| पृष्टौ | पृष्ट (√प्रछ्+क्त, १.२) | asked |
| तौ | तद् (१.२) | those two |
| वाल्मीकिं | वाल्मीकि (२.१) | Valmiki |
| अशंसतां | अशंसताम् (√शंस् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. द्वि.) | named |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| गे | ये | को | नु | वि | ने | ता | वां |
| क | स्य | चे | यं | कृ | तिः | क | वेः |
| इ | ति | रा | ज्ञा | स्व | यं | पृ | ष्टौ |
| तौ | वा | ल्मी | कि | म | शं | स | ताम् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.