अन्वयः
AI
सुतौ मातुः अग्रतः रामस्य मधुरम् वृत्तम् गायन्तौ तस्य वियोगव्यथाम् किञ्चित् शिथिलीचक्रतुः।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
रामस्येति॥ तौ सुतौ रामस्य वृत्तं मातुरग्रतो मधुरं गायन्तौ तद्वियोगव्यथां रामविरहवेदनां किंचिच्छिथिलीचक्रतुः ॥
Summary
AI
In front of their mother, the two sons, Kusha and Lava, while singing the sweet story of Rama, somewhat lessened her pain of separation from him.
सारांश
AI
वे दोनों पुत्र अपनी माता के सामने राम के मधुर चरित्र का गान करते हुए उनके विरह के दुःख को कुछ कम कर देते थे।
पदच्छेदः
AI
| रामस्य | राम (६.१) | of Rama |
| मधुरम् | मधुर (२.१) | sweet |
| वृत्तम् | वृत्त (२.१) | story |
| गायन्तौ | गायत् (√गै+शतृ, १.२) | singing |
| मातुः | मातृ (६.१) | of the mother |
| अग्रतः | अग्रतः | in front of |
| तद्वियोगव्यथाम् | तत्–वियोग–व्यथा (२.१) | the pain of separation from him |
| किञ्चित् | किञ्चित् | somewhat |
| शिथिलीचक्रतुः | शिथिलीचक्रतुः (√शिथिलीकृ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. द्वि.) | lessened |
| सुतौ | सुत (१.२) | the two sons |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रा | म | स्य | म | धु | रं | वृ | त्तं |
| गा | य | न्तौ | मा | तु | र | ग्र | तः |
| त | द्वि | यो | ग | व्य | थां | किं | चि |
| च्छि | थि | ली | च | क्र | तुः | सु | तौ |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.