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स विभुर्विबुधांशेषु प्रतिपन्नात्ममूर्तिषु ।
त्रिदशीभूतपौराणां स्वर्गान्तरमकल्पयत् ॥

अन्वयः AI सः विभुः विबुधांशेषु प्रतिपन्नात्ममूर्तिषु (सत्सु) त्रिदशीभूतपौराणां (कृते) स्वर्गान्तरम् अकल्पयत्।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः) स इति॥ विभुः प्रभुः स रामो विबुधानामंशेषु सुग्रीवादिषु प्रतिपन्नात्ममूर्तिषु सत्सु त्रिदशीभूतां देवभुवनं गता ये पौरास्तेषां नूतनसुराणां स्वर्गान्तरमकल्पयत् ॥
Summary AI That all-powerful lord (Rama) created another heaven for the citizens who had attained divinity, while the monkeys and bears, who were parts of the gods, regained their original divine forms.
सारांश AI उन प्रभु ने, देवताओं के अंश रूप अपने भाइयों के अपने मूल स्वरूप को प्राप्त कर लेने पर, देवतुल्य बने हुए अयोध्यावासियों के लिए एक अन्य स्वर्ग की रचना की।
पदच्छेदः AI
सःतद् (१.१) He
विभुःविभु (१.१) the all-powerful lord
विबुधांशेषुविबुधअंश (७.३) in the parts of the gods (monkeys, etc.)
प्रतिपन्नात्ममूर्तिषुप्रतिपन्नआत्मन्मूर्ति (७.३) who had regained their own forms
त्रिदशीभूतपौराणाम्त्रिदशीभूतपौर (६.३) of the citizens who had become gods
स्वर्गान्तरम्स्वर्गअन्तर (२.१) another heaven
अकल्पयत्अकल्पयत् (√कॢप् +णिच् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) created
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
वि भु र्वि बु धां शे षु
प्र ति न्ना त्म मू र्ति षु
त्रि शी भू पौ रा णां
स्व र्गा न्त ल्प यत्
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