निगृह्य शोकं स्वयमेव धीमा-
न्वर्णाश्रमावेक्षणजागरूकः ।
स भ्रातृसाधारणभोगमृद्धं
राज्यं रजोरिक्तमनाः शशास ॥
निगृह्य शोकं स्वयमेव धीमा-
न्वर्णाश्रमावेक्षणजागरूकः ।
स भ्रातृसाधारणभोगमृद्धं
राज्यं रजोरिक्तमनाः शशास ॥
न्वर्णाश्रमावेक्षणजागरूकः ।
स भ्रातृसाधारणभोगमृद्धं
राज्यं रजोरिक्तमनाः शशास ॥
अन्वयः
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धीमान् सः स्वयम् एव शोकं निगृह्य, वर्णाश्रम-अवेक्षण-जागरूकः, रजोरिक्त-मनाः सन् भ्रातृसाधारणभोगम् ऋद्धं राज्यं शशास।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
निगृह्येति॥ धीमान् वर्णानामाश्रमाणां चावेक्षणेऽनुसंधाने जागरूकोऽप्रमत्तः
जागरूकः (अष्टाध्यायी ३.२.१६५ ) इत्यूकप्रत्ययः। रजोरिक्तमना रजोगुणशून्यचेताः स रामः स्वयमेव शोकं निगृह्य निरुध्य भ्रातृभिः साधारणभोगम्। शरीरस्थितिमात्रोपयुक्तमित्यर्थः। ऋद्धं राज्यं शशास ॥
Summary
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The wise Rama, suppressing his grief by himself, remained vigilant in supervising the social orders (Varnas) and stages of life (Ashramas). With a mind free from passion, he ruled the prosperous kingdom, sharing its enjoyments with his brothers.
सारांश
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बुद्धिमान राम ने स्वयं ही अपने शोक को नियंत्रित किया और वर्णाश्रम धर्म के प्रति सजग रहते हुए, मोह-मुक्त मन से भाइयों के साथ मिलकर समृद्ध राज्य का शासन किया।
पदच्छेदः
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| निगृह्य | निगृह्य (नि√ग्रह्+ल्यप्) | Having suppressed |
| शोकम् | शोक (२.१) | grief |
| स्वयम् | स्वयम् | himself |
| एव | एव | indeed |
| धीमान् | धीमत् (१.१) | The wise one |
| वर्णाश्रमावेक्षणजागरूकः | वर्ण–आश्रम–अवेक्षण–जागरूक (१.१) | vigilant in supervising the Varnas and Ashramas |
| सः | तद् (१.१) | he |
| भ्रातृसाधारणभोगम् | भ्रातृ–साधारण–भोग (२.१) | whose enjoyments were shared with his brothers |
| ऋद्धम् | ऋद्ध (√ऋध्+क्त, २.१) | prosperous |
| राज्यम् | राज्य (२.१) | the kingdom |
| रजोरिक्तमनाः | रजस्–रिक्त–मनस् (१.१) | whose mind was free from passion |
| शशास | शशास (√शास् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | he ruled |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | गृ | ह्य | शो | कं | स्व | य | मे | व | धी | मा |
| न्व | र्णा | श्र | मा | वे | क्ष | ण | जा | ग | रू | कः |
| स | भ्रा | तृ | सा | धा | र | ण | भो | ग | मृ | द्धं |
| रा | ज्यं | र | जो | रि | क्त | म | नाः | श | शा | स |
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