पुष्पं फलं चार्तवमाहरन्त्यो
बीजं च बालेयमकृष्टरोहि ।
विनोदयिष्यन्ति नवाभिषङ्गा-
मुदारवाचो मुनिकन्यकास्त्वाम् ॥
पुष्पं फलं चार्तवमाहरन्त्यो
बीजं च बालेयमकृष्टरोहि ।
विनोदयिष्यन्ति नवाभिषङ्गा-
मुदारवाचो मुनिकन्यकास्त्वाम् ॥
बीजं च बालेयमकृष्टरोहि ।
विनोदयिष्यन्ति नवाभिषङ्गा-
मुदारवाचो मुनिकन्यकास्त्वाम् ॥
अन्वयः
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उदारवाचः मुनिकन्यकाः आर्तवम् पुष्पम् फलम् च, अकृष्टरोहि बालेयम् बीजम् च आहरन्त्यः (सत्यः) नवाभिषङ्गाम् त्वाम् विनोदयिष्यन्ति।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
पुष्पमिति॥ ऋतुरस्य प्राप्त आर्तवम्। स्वकालप्राप्तमित्यर्थः। पुष्पं फलं च। अकृषअटरोह्यकृष्टक्षेत्रोत्थम्। अकृष्टपच्यमित्यर्थः। बलये हितं बालेयं पूजायोग्यम्।
छदिरुपधिबलेर्ढञ् (अष्टाध्यायी ५.१.१३ ) इति ढञ्प्रत्ययः। बीजं नीवारादिधान्यं चाहरन्त्य उदारवाचः प्रगल्भगिरो मुनिकन्यका नवाभिषङ्गां नूतनदुःखां त्वां विनोदयिष्यन्ति ॥
Summary
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"The daughters of the sages, with their noble speech, will divert you, who are new to this sorrow, by bringing you seasonal flowers and fruits, and wild grains that grow on unploughed land."
सारांश
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मुनियों की कन्याएँ तुम्हें फल-फूल और जंगली बीज लाकर देंगी तथा अपनी प्रिय वाणी से तुम्हारे नवीन वियोग के दुःख को दूर करने का प्रयास करेंगी।
पदच्छेदः
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| पुष्पम् | पुष्प (२.१) | flower |
| फलम् | फल (२.१) | fruit |
| च | च | and |
| आर्तवम् | आर्तव (२.१) | seasonal |
| आहरन्त्यः | आहरन्ती (आ√हृ+शतृ+ङीप्, १.३) | bringing |
| बीजम् | बीज (२.१) | grain |
| च | च | and |
| बालेयम् | बालेय (२.१) | wild rice |
| अकृष्टरोहि | अकृष्टरोहिन् (२.१) | which grows in unploughed land |
| विनोदयिष्यन्ति | विनोदयिष्यन्ति (वि+णिच्√नुद् कर्तरि लृट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | will entertain |
| नवाभिषङ्गाम् | नव–अभिषङ्ग (२.१) | you who are new to this sorrow |
| उदारवाचः | उदार–वाच् (१.३) | of noble speech |
| मुनिकन्यकाः | मुनि–कन्यका (१.३) | the daughters of the sages |
| त्वाम् | युष्मद् (२.१) | you |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पु | ष्पं | फ | लं | चा | र्त | व | मा | ह | र | न्त्यो |
| बी | जं | च | बा | ले | य | म | कृ | ष्ट | रो | हि |
| वि | नो | द | यि | ष्य | न्ति | न | वा | भि | ष | ङ्गा |
| मु | दा | र | वा | चो | मु | नि | क | न्य | का | स्त्वाम् |
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