अथ व्यवस्थापितवाक्कथंचि-
त्सौमित्रिरन्तर्गतबाष्पकण्ठः ।
औत्पातिकं मेघ इवाश्मवर्षं
महीपतेः शासनमुज्जगार ॥
अथ व्यवस्थापितवाक्कथंचि-
त्सौमित्रिरन्तर्गतबाष्पकण्ठः ।
औत्पातिकं मेघ इवाश्मवर्षं
महीपतेः शासनमुज्जगार ॥
त्सौमित्रिरन्तर्गतबाष्पकण्ठः ।
औत्पातिकं मेघ इवाश्मवर्षं
महीपतेः शासनमुज्जगार ॥
अन्वयः
AI
अथ अन्तर्गत-बाष्प-कण्ठः सौमित्रिः कथंचित् व्यवस्थापित-वाक् सन्, मेघः औत्पातिकम् अश्म-वर्षम् इव, महीपतेः शासनम् उज्जगार।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अथेति॥ अथ कथंचिद्व्यवस्थआपिता प्रकृतिमापादिता वाग्येन सः अन्तर्गतबाष्पः कण्ठो यस्य सः। कण्ठस्तम्भिताश्रुरित्यर्थः। सौमित्रिर्महीपतेः शासनम्। मेघ उत्पाते भवमौत्पातिकमश्मवर्षं शिलावर्षमिव। उज्जगारोद्गीर्णवान्। दारुणत्वेनावाच्यत्वात्
उज्जगार इत्युक्तम् ॥
Summary
AI
Then Lakshmana, son of Sumitra, his throat choked with suppressed tears, somehow composing his speech, uttered the king's command, just as a portentous cloud releases a shower of stones.
सारांश
AI
इसके बाद, रुँधे हुए कंठ से जैसे-तैसे स्वयं को संभालकर लक्ष्मण ने श्रीराम का वह भीषण आदेश सुनाया, जैसे प्रलयंकारी मेघ पत्थरों की वर्षा करता है।
पदच्छेदः
AI
| अथ | अथ | then |
| व्यवस्थापितवाक् | व्यवस्थापित–वाच् (१.१) | he whose speech was composed |
| कथंचित् | कथंचित् | somehow |
| सौमित्रिः | सौमित्रि (१.१) | Lakshmana |
| अन्तर्गतबाष्पकण्ठः | अन्तर्गत–बाष्प–कण्ठ (१.१) | he whose throat was choked with suppressed tears |
| औत्पातिकं | औत्पातिक (२.१) | portentous |
| मेघः | मेघ (१.१) | a cloud |
| इव | इव | like |
| अश्मवर्षं | अश्मन्–वर्ष (२.१) | a shower of stones |
| महीपतेः | महीपति (६.१) | of the king |
| शासनम् | शासन (२.१) | the command |
| उज्जगार | उज्जगार (उद्√गॄ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | uttered |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थ | व्य | व | स्था | पि | त | वा | क्क | थं | चि |
| त्सौ | मि | त्रि | र | न्त | र्ग | त | बा | ष्प | क | ण्ठः |
| औ | त्पा | ति | कं | मे | घ | इ | वा | श्म | व | र्षं |
| म | ही | प | तेः | शा | स | न | मु | ज्ज | गा | र |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.