आनन्दजः शोकजमश्रु बाष्प-
स्तयोरशीतं शिशिरो बिभेद ।
गङ्गासरय्वोर्जलमुष्णतप्तं
हिमाद्रिनिस्यन्द इवावतीर्णः ॥
आनन्दजः शोकजमश्रु बाष्प-
स्तयोरशीतं शिशिरो बिभेद ।
गङ्गासरय्वोर्जलमुष्णतप्तं
हिमाद्रिनिस्यन्द इवावतीर्णः ॥
स्तयोरशीतं शिशिरो बिभेद ।
गङ्गासरय्वोर्जलमुष्णतप्तं
हिमाद्रिनिस्यन्द इवावतीर्णः ॥
अन्वयः
AI
तयोः शिशिरः आनन्दजः बाष्पः, उष्ण-तप्तं गङ्गा-सरय्वोः जलम् अवतीर्णः हिमाद्रि-निस्यन्दः इव, अशीतं शोकजम् अश्रु बिभेद।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
आनन्दज इति॥ तयोर्मात्रोरानन्दजः शिशिरो बाष्पः शोकजमशीतमुष्णमश्रु। उष्णतप्तं ग्रीष्मतप्तं गङ्गासरय्वोर्जलं कर्म अवतीर्णो हिमाद्रेर्निस्यन्दो निर्झर इव। बिभेद। आनन्देन शोकस्तिरस्कृत इत्यर्थः ॥
Summary
AI
The mothers' cold tears of joy mingled with their warm tears of sorrow. This was like a cold stream from the Himalayas descending into the sun-warmed waters of the confluence of the Ganga and Sarayu rivers.
सारांश
AI
माताओं के आनंद के अश्रुओं ने उनके शोक के गर्म अश्रुओं को शीतल कर दिया, जैसे हिमालय का ठंडा जल गंगा और सरयू के तपते जल को शांत कर देता है।
पदच्छेदः
AI
| आनन्दजः | आनन्द–ज (१.१) | born of joy |
| शोकजं | शोक–ज (२.१) | born of sorrow |
| अश्रु | अश्रु (२.१) | tear |
| बाष्पः | बाष्प (१.१) | tear (of joy) |
| तयोः | तद् (६.२) | of those two |
| अशीतं | अशीत (२.१) | warm |
| शिशिरः | शिशिर (१.१) | cold |
| बिभेद | बिभेद (√भिद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | mingled with |
| गङ्गासरय्वोः | गङ्गा–सरयू (६.२) | of the Ganga and Sarayu |
| जलम् | जल (२.१) | water |
| उष्णतप्तं | उष्ण–तप्त (२.१) | heated by the sun |
| हिमाद्रिनिस्यन्दः | हिमाद्रि–निस्यन्द (१.१) | a stream from the Himalayas |
| इव | इव | like |
| अवतीर्णः | अवतीर्ण (अव√तृ+क्त, १.१) | descended |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | न | न्द | जः | शो | क | ज | म | श्रु | बा | ष्प |
| स्त | यो | र | शी | तं | शि | शि | रो | बि | भे | द |
| ग | ङ्गा | स | र | य्वो | र्ज | ल | मु | ष्ण | त | प्तं |
| हि | मा | द्रि | नि | स्य | न्द | इ | वा | व | ती | र्णः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.